कर्नाटक: बेंगलुरु में पांच पुलिस कमिश्नरेट बनाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

Bengaluru, 6 अक्टूबर . Bengaluru में पांच Police कमिश्नरेट बनाने के प्रस्ताव को लेकर Tuesday को कांग्रेस Government और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का बचाव किया, जबकि विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इसका विरोध किया.

Government के प्रस्ताव में एक चीफ Police कमिश्नर के तहत पांच कमिश्नरेट सेंट्रल, नॉर्थ, साउथ, ईस्ट और वेस्ट बनाने की योजना है.

इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा कि Bengaluru Police का अधिकार क्षेत्र पहले से ही ग्रेटर Bengaluru अथॉरिटी की सीमाओं से बाहर तक फैला हुआ है. उन्होंने तर्क दिया कि शहर के तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए इसकी Policeिंग व्यवस्था की समीक्षा करना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि Bengaluru एशिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले शहरों में से एक है, जहां विकास दर लगभग 8.5 प्रतिशत है, और उम्मीद है कि 2035 तक यह रफ्तार बनी रहेगी.

खड़गे ने कहा कि नए कमिश्नरेट का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और Government अंतिम फैसला लेने से पहले सभी संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) की राय पर विचार करेगी. उन्होंने आगे कहा कि संबंधित पक्षों के साथ पहले ही बातचीत हो चुकी है और शहर के लिए सबसे अच्छा क्या होगा, यह तय करने के लिए और चर्चाएं की जाएंगी.

इस प्रस्ताव में Bengaluru को पांच कमिश्नरेट सेंट्रल, नॉर्थ, साउथ, ईस्ट और वेस्ट में बांटने की योजना है, साथ ही मौजूदा Police कमिश्नर का पदनाम बदलकर ‘चीफ कमिश्नर ऑफ Police’ करने का भी प्रावधान है. इस रीस्ट्रक्चरिंग में अतिरिक्त Police पोस्ट बनाना भी शामिल होगा.

हालांकि, आर. अशोक ने इस प्रस्ताव की आलोचना की और आरोप लगाया कि Government प्रशासनिक दक्षता के बजाय वित्तीय कारणों से यह बंटवारा कर रही है. उन्होंने इस कदम को Bengaluru Police के लिए नुकसानदेह बताया और दावा किया कि कई Police अधिकारियों ने निजी तौर पर इस प्रस्ताव को लेकर चिंता जताई है.

अशोक ने तर्क दिया कि पांच कमिश्नरेट बनाने से Bengaluru को कोई फायदा नहीं होगा और उन्होंने रीस्ट्रक्चरिंग के पीछे Government की सोच पर सवाल उठाए. Government की व्यापक प्रशासनिक योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वित्तीय तंगी पहले से ही मौजूदा नागरिक निकायों को प्रभावित कर रही है.

भाजपा नेता ने प्रस्तावित प्रशासनिक ढांचे की भी आलोचना की और सवाल उठाया कि क्या इन बदलावों से शहर में Policeिंग बेहतर होगी. अशोक ने आगे कहा कि उन्होंने Government को पत्र लिखकर विधान सौधा और कुमारकृपा गेस्ट हाउस में मंत्रियों और अधिकारियों के कमरों के नवीनीकरण कार्यों का विवरण मांगा है.

उन्होंने कहा कि उन्होंने सचिव अंजुम परवेज से जानकारी मांगी है और चेतावनी दी है कि अगर विवरण नहीं दिया गया तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे. अशोक ने कहा कि वे नवीनीकरण कार्यों से संबंधित सभी दस्तावेज हासिल करेंगे और इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाएंगे.

Government इस प्रस्ताव को प्रशासनिक और Policeिंग सुधार के उपाय के तौर पर पेश कर रही है, जबकि भाजपा ने इसके ढांचे, लागत और प्रभावशीलता को लेकर चिंता जताई है.

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एएसएच/डीकेपी

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