
श्रीनगर, 11 सितंबर . जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने Friday को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) की Government डेली वेजर्स (दिहाड़ी मजदूरों) को चरणबद्ध तरीके से रेगुलर करने पर विचार कर रही है.
एक Governmentी कार्यक्रम में डिप्टी सीएम चौधरी ने कहा कि डेली वेजर्स की मांगें जायज और सही हैं, लेकिन उन्होंने उनसे धैर्य रखने और इस मुद्दे का Politicalरण न होने देने की अपील की.
उन्होंने कहा कि डेली वेजर्स को रेगुलर करना नेशनल कॉन्फ्रेंस के घोषणापत्र का वादा है, और Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने भी विधानसभा में भरोसा दिलाया था कि इस मामले पर ध्यान दिया जाएगा.
डिप्टी सीएम चौधरी ने कहा, “डेली वेजर्स अलग-अलग विभागों में काम करते हैं. उन्हें रेगुलर होने का अधिकार है और वे समान अधिकारों के हकदार हैं.”
जम्मू-कश्मीर में यूटी Government के विभिन्न विभागों जैसे बिजली विकास विभाग, बाढ़ और सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग, समाज कल्याण और अन्य विभागों में 50,000 से अधिक डेली वेजर्स काम करते हैं.
डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता वाली एक समिति इस मामले की जांच कर रही है और यूटी Government रेगुलर करने के लिए चरणबद्ध समाधान की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल पर न जाने की भी अपील की और कहा कि वे Governmentी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी जायज मांगों पर ध्यान दिया जाएगा.
डिप्टी सीएम ने Friday को यहां एक शिल्प प्रदर्शनी में बोलते हुए जम्मू-कश्मीर की पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने और हाथ से बने उत्पादों को बढ़ावा देने में कारीगरों, अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना की.
उन्होंने लोगों से पारंपरिक उत्पाद, खासकर कश्मीरी शॉल, खरीदने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि ये ब्रांडेड सामान से कम मूल्यवान नहीं हैं और स्थानीय कारीगरों का समर्थन करने से उन्हें क्षेत्र की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.
डिप्टी सीएम चौधरी ने वंदे मातरम विवाद पर कहा कि इस राष्ट्रीय गीत का India के स्वतंत्रता संग्राम से ऐतिहासिक संबंध है और इसे शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों का गीत बताया.
उन्होंने कहा कि लोगों को जायज मांग उठाने का अधिकार है. उन्होंने लद्दाख में उठाई जा रही मांगों का जिक्र करते हुए दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भी राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहा है.
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एएसएच/डीकेपी