
देहरादून, 11 सितंबर . Enforcement Directorate (ईडी) द्वारा 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में देहरादून में की गई छापेमारी के दौरान कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व Chief Minister हरीश सिंह रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के परिसरों पर भी तलाशी ली गई. इस कार्रवाई में लगभग 1.28 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई हैं.
अधिकारियों के अनुसार, जीना वर्तमान में हरीश रावत के निजी सहायक के रूप में कार्यरत हैं. Thursday को उनके आवास पर हुई तलाशी के दौरान 32 लाख रुपए की बेहिसाबी नकदी, लगभग 200.5 ग्राम सोना (13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन) तथा 12 लग्जरी कलाई घड़ियां बरामद की गईं.
ईडी ने बताया कि जब्त घड़ियों में रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसोट और कैसियो एडिफाइस जैसे ब्रांड शामिल हैं. एजेंसी के अनुसार, 12 लग्जरी घड़ियों का मूल्यांकन अभी किया जा रहा है, इसलिए जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य और बढ़ सकता है.
Enforcement Directorate के देहरादून उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह कार्रवाई की. जांच का उद्देश्य उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े अपराध की आय का पता लगाना है.
ईडी ने कहा कि यह मामला देहरादून के सतर्कता थाने में दर्ज एक प्राथमिकी और बाद में दर्ज तीन अन्य First Information Report पर आधारित है.
एजेंसी के मुताबिक तलाशी अभियान तत्कालीन यूकेएसएसएससी अध्यक्ष, तत्कालीन सचिव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, ओएमआर प्रोसेसिंग से जुड़ी निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक, कथित साजिश से जुड़े बिचौलियों और चंदन सिंह जीना के आवासों पर चलाया गया.
जांच में सामने आया कि ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं को यूकेएसएसएससी की सुरक्षित अभिरक्षा से निकालकर तत्कालीन सचिव के निजी आवास पर ले जाया गया था. वहां अधूरी भरी गई ओएमआर शीटों के रोल नंबर नोट किए गए और उन्हें निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को सौंप दिया गया. आरोप है कि उत्तरों के बुलबुले धोखाधड़ी से भरने और बदलने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को दोबारा सील किया गया और इसके बदले अवैध धनराशि बिचौलियों के जरिए पहुंचाई गई.
तलाशी के दौरान ईडी ने पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया. इन खातों में कुल 52 लाख रुपए की राशि जमा थी.
एजेंसी ने उनका मोबाइल फोन भी फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है. जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने बड़ी मात्रा में नकद खर्च किया था, जिसका कोई स्पष्ट स्रोत नहीं बताया गया. ईडी के अनुसार बरामद नकदी और नकद खर्च उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से मेल नहीं खाते.
ईडी ने यह भी कहा कि तलाशी के दौरान यूकेएसएसएससी के कई पूर्व अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के पास से भी बेहिसाबी नकदी बरामद हुई. इनकी रकम कुछ हजार रुपए से लेकर लाखों रुपए तक थी. कुछ मामलों में सोने के आभूषण भी मिले हैं.
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एएमटी/डीकेपी