डूसू चुनाव में हार के बाद उदित राज ने एनएसयूआई के पदाधिकारियों पर उठाए सवाल, बोले- ‘हाईकमान को ध्यान देने की जरूरत’

New Delhi, 20 सितंबर . कांग्रेस नेता उदित राज ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव (डूसू चुनाव) में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई की हार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने एनएसयूआई में कमियों को लेकर समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि जो लोग ऊंचे पदों पर हैं, वे लोगों से नहीं मिलते और फोन कॉल का जवाब नहीं देते हैं.

समाचार एजेंसी से बातचीत में उदित राज ने टिकट बंटवारे में कमियों और एनएसयूआई में बड़े बदलावों की जरूरत पर कहा, “इसकी समीक्षा होनी चाहिए. कहीं न कहीं कोई कमी जरूर है.”

उन्होंने कहा, “जो लोग ऊंचे पदों पर हैं, वे लोगों से मिलते नहीं, फोन कॉल का जवाब नहीं देते और लोगों से बातचीत नहीं करते. लोगों ने मुझसे कई बार ऐसी शिकायतें की हैं. हाईकमान को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए.”

उदित राज से पूछा गया कि क्या डूसू चुनाव में हार का कारण जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन का श्रेय सीजेपी की ओर से लेना था, तो उन्होंने कहा, “अगर उन्होंने जनता के गुस्से का श्रेय लिया होता, तो वे चुनाव लड़ते और जीतते. उन्होंने चुनाव क्यों नहीं लड़ा?”

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब जेन-जी आंदोलन हुआ, तो 95 प्रतिशत लोग आम माहौल से खुद पीड़ित होकर बाहर आए थे. यह कई पार्टियों और संगठनों का मिला-जुला गठबंधन था. इसका नेतृत्व अकेले सीजेपी ने नहीं किया था.

इसी बीच, कांग्रेस नेता उदित राज ने डूसू चुनाव के नतीजों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “धन-बल और ईवीएम का प्रयोग भारी पैमाने पर हुआ है. चुनाव मैनेजमेंट और सिस्टम के जरिए जीता जाता है.”

वहीं, उदित राज ने कहा, “भाजपा और आरएसएस अक्षुण्ण चुनाव लड़ते हैं. इसलिए उनकी शक्ति कहीं अधिक संगठित है. भले जन समर्थन उनके साथ न रहे, लेकिन परिणाम उनके पक्ष में आते हैं. जब ‘जेन-जी’ इनसे (भाजपा) इतने नाराज हैं, यह देखने की जरूरत है कि यह (एबीवीपी) जीते कैसे.”

डीसीएच/

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