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Wednesday, 28 October 2026
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टीएमसी चुनाव चिन्ह विवाद: Supreme Court ने जवाब दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाई

टीएमसी चुनाव चिन्ह विवाद: Supreme Court ने जवाब दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाई

New Delhi, 26 अक्टूबर . Supreme Court ने Monday को ऋतब्रत बनर्जी गुट को तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह से जुड़े विवाद में चुनाव आयोग (ईसीआई) के सामने अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया. साथ ही, ममता बनर्जी गुट को भी प्रतिद्वंद्वी गुट के हलफनामे पर जवाब देने के लिए 10 दिन और दिए गए हैं.

यह मामला पार्टी पर नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है, जिसमें दोनों गुट तृणमूल कांग्रेस पर अपना दावा कर रहे हैं.

इससे पहले 28 सितंबर को Supreme Court ने दोनों पक्षों को चार सप्ताह के भीतर सभी दस्तावेज और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था. इसके बाद चुनाव आयोग को तीन महीने के भीतर मामले पर फैसला करना था.

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने ये निर्देश ममता बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए थे, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत पार्टी के मूल नाम और आरक्षित चुनाव चिन्ह “फूल और घास” को फ्रीज कर दिया गया था.

ताजा आदेश तब आया जब प्रतिद्वंद्वी गुट ने चुनाव आयोग में जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा. उसका जवाब दाखिल करने की अंतिम तारीख Monday को समाप्त हो रही थी.

ममता बनर्जी गुट ने अतिरिक्त समय देने की मांग का विरोध किया था. 28 सितंबर के आदेश में Supreme Court ने कहा था कि ममता बनर्जी गुट का जवाब रिकॉर्ड पर मौजूद है, लेकिन दूसरे गुट का जवाब अभी आना बाकी है.

अदालत ने कहा था, “प्रतिवादियों और याचिकाकर्ता, दोनों को अतिरिक्त दस्तावेज, हलफनामे और जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया जाता है. यानी सभी प्रकार की लिखित कार्यवाही चार सप्ताह में पूरी की जाए.”

Supreme Court ने यह भी निर्देश दिया था कि सभी पक्षों की दलीलें और दस्तावेज पूरे होने के बाद चुनाव आयोग तीन महीने के भीतर विवाद का निपटारा करे. साथ ही दोनों गुटों को आयोग के साथ पूरा सहयोग करने को कहा गया था.

अदालत ने स्पष्ट किया था कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दी है और दोनों पक्ष चुनाव आयोग के सामने अपनी-अपनी दलीलें रखने के लिए स्वतंत्र हैं.

ममता बनर्जी ने Supreme Court में याचिका दाखिल कर चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें अंतिम फैसला होने तक पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया गया था.

चुनाव आयोग ने कहा था कि यह अंतरिम व्यवस्था दोनों गुटों को समान स्थिति में रखने और अंतिम निर्णय तक उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए की गई है.

इसके बाद चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी गुट को “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम और “फुटबॉल खिलाड़ी” चुनाव चिन्ह आवंटित किया था. वहीं रितब्रत बनर्जी गुट को पश्चिम बंगाल उपचुनावों के लिए “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” नाम और “लिफाफा” चुनाव चिन्ह दिया गया था.

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एएमटी/पीएम

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