
कोलकाता, 11 सितंबर . Jharkhand Police ने Friday को कोलकाता Police के एक ट्रैफिक सार्जेंट और कोलकाता Police की एक महिला सिविक वॉलंटियर को Jharkhand के एक व्यवसायी की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया.
ट्रैफिक सार्जेंट की पहचान अयान गुप्ता के तौर पर हुई जो शहर की Police के बेलियाघाटा ट्रैफिक गार्ड से जुड़ा था. एक Police अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सिविक वॉलंटियर का नाम ट्विंकल दास था. Thursday शाम गुप्ता और दास को मध्य कोलकाता के लालबाजार स्थित कोलकाता Police मुख्यालय बुलाया गया. Jharkhand के एक व्यापारी की हत्या की जांच के सिलसिले में कोलकाता आए Jharkhand Police के अधिकारियों ने कई घंटों तक गुप्ता और दास से पूछताछ की.
Police सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई. आखिरकार, Friday सुबह Jharkhand Police के अधिकारियों ने गुप्ता और दास को गिरफ्तार कर लिया.
पता चला है कि 24 अगस्त को Jharkhand के चांडिल Police स्टेशन इलाके में नेशनल हाईवे नंबर 33 के किनारे एक होटल के सामने निखर सबलोक नाम के एक व्यापारी की हत्या कर दी गई थी. जांच में पता चला कि कुछ कॉन्ट्रैक्ट किलर्स ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी. Police सूत्रों के मुताबिक, हत्यारे ने नौ राउंड गोलियां चलाईं, जिससे व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई.
Jharkhand Police की जांच टीम ने Jharkhand, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार में कई जगहों पर तलाशी के बाद छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया. इनमें से कुछ पेशेवर हत्यारे बताए जाते हैं. Jharkhand Police की जांच में पता चला कि संदिग्धों में से एक कोलकाता Police के एक ट्रैफिक सार्जेंट और सिविक वॉलंटियर के संपर्क में था.
इस कनेक्शन का राज खोलने के लिए Jharkhand Police की एक टीम कोलकाता आई. उन्होंने कोलकाता Police मुख्यालय में गिरफ्तार ट्रैफिक सार्जेंट और सिविक वॉलंटियर से कई घंटों तक पूछताछ की.
Police सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने कई सवालों के जवाब देने से टालमटोल की. इसके बाद Jharkhand Police ने उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला किया. व्यापारी की हत्या के मामले में अब गिरफ्तारियों की संख्या आठ हो गई है. Jharkhand Police की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) इस हत्या के मामले की जांच कर रही है. जांचकर्ताओं का मानना है कि व्यापारी की हत्या के लिए हत्यारे को 15 लाख रुपये दिए गए थे.
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एसडी/पीएम