‘काम मिलना सिर्फ शुरुआत है, टिके रहने की कोई गारंटी नहीं’, कुशाल आहूजा ने बताई इंडस्ट्री की सच्चाई

Mumbai , 11 सितंबर . टीवी एक्टर कुशाल आहूजा ने ‘झनक’ शो से घर-घर में अपनी अलग पहचान बनाई. के साथ खास बातचीत में उन्होंने इंडस्ट्री में बने रहने की चुनौती पर बात की. उन्होंने बताया कि किसी कलाकार के लिए पहला मौका मिलना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल लंबे समय तक इस इंडस्ट्री में बने रहना है. यहां किसी भी कलाकार के भविष्य को लेकर कोई पक्की गारंटी नहीं होती.

कुशाल ने के साथ खास बातचीत में कहा कि ”इस इंडस्ट्री में आपको काम मिल सकता है और आप अपना सफर शुरू कर सकते हैं, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं होती कि आप हमेशा इसी इंडस्ट्री का हिस्सा बने रहेंगे. किसी प्रोजेक्ट में कास्ट होना सिर्फ शुरुआत है, असली चुनौती खुद को लगातार काम के लायक बनाए रखना और बदलते वक्त के साथ आगे बढ़ना है.”

अपने सफर और सफलता की परिभाषा के बारे में बात करते हुए कुशाल ने कहा, ”मेरे लिए इंडस्ट्री में लगातार बने रहना ही सफलता का एक हिस्सा है. लेकिन सिर्फ काम करते रहना काफी नहीं है. एक कलाकार के लिए यह भी जरूरी है कि वह अपनी भावनाओं को इस तरह पर्दे पर उतारे कि दर्शक भी वही महसूस कर सकें, जो कलाकार अपने किरदार के जरिए महसूस कर रहा है.”

कुशाल ने कहा, ”जब एक कलाकार अपनी फीलिंग्स को दर्शकों तक सही तरीके से पहुंचा पाता है और सामने बैठा दर्शक भी उसी इमोशन से जुड़ जाता है, तो यह उसके लिए सफलता का एक बड़ा हिस्सा है. एक्टिंग की असली खूबसूरती भी यहीं है कि कलाकार की भावनाएं सीधे दर्शकों तक पहुंचें.”

खुद को बेहतर बनाने के तरीके से जुड़े सवाल पर कुशाल ने कहा, ”खुद के काम को लेकर डाउट होना खराब नहीं होता. अगर कोई व्यक्ति अपने काम पर सवाल करता है, अपनी गलतियों को देखता है और यह सोचता है कि वह कहां बेहतर कर सकता है, तो यही सवाल उसे आगे बढ़ने में मदद करते हैं. डाउट्स ग्रोथ के लिए अच्छे होते हैं, क्योंकि वे इंसान को खुद के बारे में सोचने और अपनी कमियों पर काम करने का मौका देते हैं.”

कुशाल ने कहा, ”मैं खुद को अपना सबसे बड़ा आलोचक मानता हूं. नियमित तौर पर अपनी परफॉर्मेंस को परखता हूं, यह देखता हूं कि कहां कमी रह गई और फिर उन कमियों पर काम करने की कोशिश करता हूं. मेरे लिए यह प्रक्रिया किसी एक प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि एक एक्टर के तौर पर लगातार चलती रहती है.”

जब ने उनसे पूछा कि वह खुद को एक कलाकार के तौर पर लगातार कैसे बेहतर बनाते हैं, तो कुशाल ने कहा, “मैं बस कोशिश करता हूं कि मेरा आज, कल के मुकाबले बेहतर हों. मेरे लिए किसी दूसरे कलाकार से मुकाबला करने से ज्यादा जरूरी है कि मेरे पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ना.”

पीके/एएस

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