
jaipur, 11 सितंबर . Rajasthan के निकाय चुनाव के दूसरे चरण के दौरान Friday को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब जोधपुर के एक मतदान बूथ पर पोलिंग स्टाफ के एक सदस्य ने पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत के पैर छुए. भाजपा ने इस घटना पर आपत्ति जताई है और पोलिंग स्टाफ की निष्पक्षता पर सवाल उठाए.
दरअसल पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत वार्ड नंबर 82 में वोट डालने के लिए महामंदिर के वर्धमान जैन स्कूल पहुंचे थे, जहां ये घटना हुई. घटना का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा Rajasthan लीगल सेल के स्टेट कन्वीनर सौरभ सारस्वत ने जोधपुर में डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर और स्टेट इलेक्शन कमीशन को शिकायत देकर संबंधित पोलिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
भाजपा ने तर्क दिया कि चुनाव अधिकारियों और पोलिंग कर्मचारियों से चुनाव ड्यूटी करते समय Political तटस्थता बनाए रखने की उम्मीद की जाती है.
पार्टी के अनुसार, किसी बड़े Political नेता के साथ ऐसा व्यवहार चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और निष्पक्षता पर सवाल उठा सकता है. इस घटना से वोटरों के बीच चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर शक पैदा हो सकता है.
पार्टी ने मांग की है कि अधिकारी मामले की जांच करें और अगर चुनाव के किसी भी नियम का उल्लंघन हुआ है तो उचित कार्रवाई करें.
चुनाव कर्मचारियों को निष्पक्षता से और बिना किसी Political पसंद दिखाए अपनी ड्यूटी करनी होती है. अधिकारियों ने कहा कि इसलिए वोटिंग प्रोसेस के दौरान पोलिंग स्टाफ का बर्ताव खास तौर पर जरूरी है.
इस घटना से इस बात पर बहस शुरू हो गई कि क्या पोलिंग स्टाफ का बर्ताव चुनाव नियमों का उल्लंघन है. चुनाव कोड का मकसद एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव प्रोसेस पक्का करना है.
भाजपा ने कहा कि Political पार्टियों और उम्मीदवारों को वोटरों को प्रभावित करने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल करने से मना किया गया है, जबकि Government और चुनाव मशीनरी से न्यूट्रल रहने की उम्मीद की जाती है.
हालांकि, गहलोत के पैर छूने का पोलिंग कर्मचारी का काम असल में लागू चुनाव नियमों का उल्लंघन है या नहीं, उसकी जांच करने के बाद सक्षम चुनाव अधिकारियों को इस बारे में तय करना होगा.
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब Rajasthan के निकाय चुनाव अहम वोटिंग फेज में पहुंच गए हैं और Political पार्टियां पूरे राज्य में मतदान से जुड़ी घटनाओं पर करीब से नजर रख रही हैं.
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डीकेएम/वीसी