जेपी नड्डा ने दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में सेवाओं का जायजा लिया

New Delhi, 23 अक्टूबर . केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने Friday को New Delhi स्थित अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (एबीवीआईएमएस) और राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल अस्पताल) की प्रगति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने मरीजों की देखभाल, विशेष सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया.
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि बड़े स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाते समय प्रमुख संस्थानों की विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का लाभ उठाना महत्वपूर्ण है.
उन्होंने आरएमएल अस्पताल में ‘आयुष्मान India डिजिटल मिशन’ (एबीडीएम) को और अधिक मजबूती से लागू करने का आह्वान किया. इसमें एबीडीएम के नियमों का पालन करना, ई-प्रिस्क्रिप्शन को व्यापक रूप से अपनाना और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल करना है, ताकि मरीजों की देखभाल और सेवा वितरण में सुधार हो सके.
एक बयान के अनुसार, मंत्री ने छात्रों और फैकल्टी के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि तनाव का उनके शैक्षणिक और पेशेवर जीवन पर क्या असर पड़ता है.
उन्होंने आपसी सहयोगपूर्ण संबंधों, खुलकर बातचीत करने और निरंतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया.
आरएमएल अस्पताल नियमित रूप से छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जांच और फैकल्टी सदस्यों के लिए स्वास्थ्य जांच (हेल्थ चेक-अप) आयोजित करता है. इसके अलावा, मंत्री ने संस्थान में ‘प्रोजेक्ट सारथी’ को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया.
अपने दौरे के दौरान, उन्होंने अस्पताल की उपलब्धियों और आगामी परियोजनाओं की समीक्षा की.
समीक्षा बैठक के दौरान एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से, मंत्री को अस्पताल की क्लिनिकल सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान गतिविधियों और गुणवत्ता सुधार पहलों के बारे में जानकारी दी गई.
प्रेजेंटेशन में अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को उजागर किया गया. वर्ष 2025 में यहां 19.4 लाख आउटपेशेंट (बाह्य रोगी) विजिट, 82,500 से अधिक इनपेशेंट (भर्ती मरीज) एडमिशन और 96,600 से अधिक सर्जरी व अन्य प्रक्रियाएं दर्ज की गईं.
वर्तमान में, अस्पताल में 30 क्लिनिकल और मरीज-देखभाल विभाग हैं, तथा आठ प्री-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल विभाग हैं.
मंत्री ने ‘विशेष अभियान 6’ (स्पेशल कैंपेन 6) के तहत डॉ. आरएमएल अस्पताल द्वारा की गई गतिविधियों की भी समीक्षा की. उन्होंने स्वच्छता को संस्थागत बनाने, लंबित कार्यों को कम करने, रिकॉर्ड प्रबंधन को कुशल बनाने और एक स्वच्छ, स्वास्थ्यकर और मरीजों के अनुकूल स्वास्थ्य वातावरण बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया.
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एससीएच/एमएस


