
jaipur, 25 अगस्त . Rajasthan की राजधानी jaipur में वित्तीय गड़बड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है. इनकम टैक्स विभाग ने चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक जैन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि उन्होंने बिना सही दस्तावेजों की जांच के 3,168 फॉर्म 15सीबी सर्टिफिकेट जारी किए.
शिकायत के मुताबिक, इन सर्टिफिकेट्स के आधार पर करीब 23,956 करोड़ रुपए विदेश भेजे गए. यह मामला 18 अगस्त को इनकम टैक्स विभाग की जांच शाखा द्वारा किए गए सर्वे के बाद सामने आया.
इस दौरान jaipur के पत्रकार कॉलोनी इलाके में सीए अभिषेक जैन के ऑफिस की भी जांच की गई. विभाग की शिकायत के अनुसार, सर्वे के दौरान मिले दस्तावेजों में विदेशी लेनदेन से जुड़े फॉर्म 15सीबी सर्टिफिकेट का ब्योरा मिला.
सर्वे के बाद इनकम टैक्स विभाग के डिप्टी डायरेक्टर मिंटू लाल मीणा ने पत्रकार कॉलोनी थाने में शिकायत दी, जिसके आधार पर जैन के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई.
First Information Report के मुताबिक, यह लेनदेन वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के दौरान हुआ. विभाग ने 3,168 सर्टिफिकेट्स के आधार पर लगभग 23,956 करोड़ रुपए विदेश भेजे जाने का आरोप लगाया है.
विभाग ने इस लेनदेन से जुड़े कई लोगों और कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं. शिकायत में कहा गया है कि इनमें से कुछ ने तो इनकम टैक्स रिटर्न भी दाखिल नहीं किया था या उनकी कोई बड़ी बिजनेस गतिविधि या आय नहीं थी, फिर भी उनके नाम पर बड़ी रकम विदेश भेजी गई.
First Information Report में आरोप लगाया गया है कि सर्टिफिकेट जारी करने से पहले जरूरी दस्तावेजों की ठीक से जांच नहीं की गई. विदेशी भुगतान के लिए फॉर्म 15सीबी सर्टिफिकेशन में लेनदेन और उससे जुड़े टैक्स और वित्तीय दस्तावेजों की जांच करना जरूरी होता है. विभाग ने एग्रीमेंट, अकाउंट से जुड़े दस्तावेज, टैक्स रेजिडेंसी सर्टिफिकेट और फॉर्म 10एप के वेरिफिकेशन पर सवाल उठाए हैं.
शिकायत में कहा गया है कि जरूरी जांच प्रक्रिया का ठीक से पालन नहीं किया गया. आरोप है कि करीब 40 फर्मों, कंपनियों और ट्रस्टों के जरिए विदेशी रकम भेजी गई, जिन्हें विभाग ने संदिग्ध या फर्जी बताया है.
First Information Report में एक व्यक्ति के नाम पर लगभग 8,788 करोड़ रुपएऔर दूसरे व्यक्ति के नाम पर करीब 9,775 करोड़ रुपए के लेनदेन का जिक्र है. इनकम टैक्स विभाग ने इन लेनदेन और इससे जुड़ी कंपनियों की आगे जांच की मांग की है.
हालांकि, ये सभी आरोप शिकायत में लगाए गए हैं और जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही साबित हो पाएंगे. सीए अभिषेक जैन को First Information Report में मुख्य आरोपी बनाया गया है.
शिकायत के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 234, 229 और 35 लगाई गई हैं. Police अब बैंक खातों, विदेशी लेनदेन के रिकॉर्ड, फॉर्म 15सीबी सर्टिफिकेट और कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी.
जांच एजेंसियां यह भी देखेंगी कि लेनदेन शुरू करने वाले लोगों और किसी बिचौलिए या अन्य शामिल लोगों की क्या भूमिका थी. जांच से ही पता चलेगा कि यह गड़बड़ी सिर्फ सर्टिफिकेट जारी करने तक सीमित थी या यह किसी बड़े वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा थी. फिलहाल आरोपों की जांच चल रही है और जांच पूरी होने तक आरोपी की दोषी होने के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.
बता दें कि 15सीबी सर्टिफिकेट किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक प्रमाण पत्र है, जिसका उपयोग India से विदेश में धन भेजने के दौरान टैक्स और टीडीएस की स्थिति को सत्यापित करने के लिए किया जाता है.
–
वीकेयू/एएस