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Friday, 16 October 2026
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जम्मू-कश्मीर में होमस्टे नीति 2026 अधिसूचित, ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

जम्मू-कश्मीर में होमस्टे नीति 2026 अधिसूचित, ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

श्रीनगर, 14 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर Government ने सतत पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद Government ने जम्मू-कश्मीर होमस्टे नीति, 2026 को अधिसूचित कर दिया है. इसकी जानकारी Chief Minister कार्यालय के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट करके दी गई.

Chief Minister कार्यालय ने लिखा, “जम्मू-कश्मीर में सतत पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम. मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद Government ने जम्मू-कश्मीर होमस्टे नीति, 2026 को अधिसूचित किया है.”

यह नई नीति गुणवत्तापूर्ण पर्यटक आवासों के विस्तार के लिए एक सरल और सुगम ढांचा प्रदान करती है, विशेष रूप से ग्रामीण, सीमावर्ती, विरासत और उभरते पर्यटन स्थलों में. Government का लक्ष्य है कि पर्यटन का लाभ केवल प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि दूर-दराज के गांवों और बॉर्डर इलाकों तक भी पहुंचे.

इस नीति की सबसे बड़ी खासियत है परेशानी मुक्त पंजीकरण प्रक्रिया. इसके तहत सिल्वर और गोल्ड श्रेणियों के साथ होमस्टे का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. इससे स्थानीय मकान मालिक आसानी से पर्यटकों की मेजबानी कर सकेंगे. इससे वे न केवल जम्मू-कश्मीर की समृद्ध संस्कृति और आतिथ्य सत्कार का प्रदर्शन कर सकेंगे, बल्कि अपने लिए सतत आजीविका के अवसर भी पैदा कर सकेंगे.

नीति में एक और अहम प्रावधान किया गया है. उन पात्र आवासीय संपत्तियों का भी पंजीकरण हो सकेगा, जिनका उपयोग परिवार स्वयं के निवास के लिए नहीं कर रहे हैं. ऐसी संपत्तियों को बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है. इससे आतिथ्य बुनियादी ढांचे को और बढ़ावा मिलेगा और परिवारों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होंगे.

Government का मानना है कि यह नीति पर्यटन को पारंपरिक स्थलों से आगे ले जाने में मदद करेगी. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होंगी, विरासत को बढ़ावा मिलेगा और यह सुनिश्चित होगा कि पर्यटन के लाभ जम्मू-कश्मीर के सभी समुदायों तक पहुंचें.

पिछले कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. होटल और गेस्ट हाउस में जगह की कमी के कारण अक्सर पर्यटकों को परेशानी होती है. नई होमस्टे नीति से इस समस्या का समाधान होगा और पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के साथ रहने का अनुभव भी मिलेगा.

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एससीएच

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