
श्रीनगर, 6 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर Government ने उन इलाकों में मोबाइल टावर लगाने के लिए जमीन देने को मंजूरी दी है, जहां अभी नेटवर्क की सुविधा कम है. Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने खुद इसकी जानकारी दी.
Chief Minister ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “जम्मू-कश्मीर Government ने उरी, तंगमर्ग, करनाह, कालाकोट, करालपोरा, बसंतगढ़, खौड़, लट्टी मरोटी, बनिहाल, पोगल परिस्तान, रामसू और किला दरहाल जैसे कम कवरेज वाले क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने के लिए जमीन देने को मंजूरी दी है. यह काम यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएएफ) के तहत किया जाएगा.”
उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई-स्पीड टेलीकॉम कवरेज को बढ़ाना है.
Chief Minister ने कहा, “यह पहल दूरदराज और सीमावर्ती गांवों में कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, ऑनलाइन शिक्षा और ई-गवर्नेंस सेवाओं तक पहुंच में मदद करेगी, आपातकालीन संचार में सुधार करेगी और डिजिटल खाई को पाटेगी.”
इस फैसले के तहत Government ने 12 से 13 कम सुविधा वाले और सीमावर्ती इलाकों में बीएसएनएल के नए मोबाइल टावरों के लिए जमीन को मंजूरी दी है, ताकि हाई-स्पीड कवरेज को बढ़ाया जा सके.
जम्मू-कश्मीर में बड़े शहरों और हाईवे पर मोबाइल कनेक्टिविटी अच्छी है, लेकिन दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में अभी भी बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है.
2026 की शुरुआत तक जम्मू-कश्मीर के 6,474 गांवों में से 6,226 गांवों में मोबाइल नेटवर्क कवरेज है, जबकि 248 गांव अभी भी बिना नेटवर्क के हैं. 6,208 गांवों में 4जी की पहुंच है, 3,704 गांवों में 5जी सेवा है जो मुख्य रूप से श्रीनगर जैसे चुनिंदा शहरी क्षेत्रों में है, 530 गांवों में 3जी और 6,030 गांवों में 2जी सेवा है.
जम्मू-कश्मीर में जियो, एयरटेल और बीएसएनएल के पोस्टपेड कनेक्शन पूरे केंद्र शासित प्रदेश में अच्छे से काम करते हैं. हालांकि सुरक्षा नियमों के कारण जम्मू-कश्मीर के बाहर जारी प्रीपेड सिम आमतौर पर काम नहीं करते. बाहर से आने वाले यात्री आधार कार्ड या पासपोर्ट के साथ केवाईसी पूरी करके स्थानीय जम्मू-कश्मीर प्रीपेड सिम या टूरिस्ट सिम खरीद सकते हैं, जो एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स पर मिलती है.
जियो और एयरटेल श्रीनगर, जम्मू और गुलमर्ग और पहलगाम जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों में सबसे तेज 4जी स्पीड और चुनिंदा 5जी सेवा देते हैं. वहीं बीएसएनएल का नेटवर्क दूरदराज की घाटियों, ऊंचाई वाले इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सबसे ज्यादा फैला हुआ है, जो इसे एक भरोसेमंद बैकअप बनाता है.
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वीकेयू/एएस