जनता नकार रही है तो सत्याग्रह नहीं, विपक्ष को आत्ममंथन की जरूरत: चिराग पासवान

रायपुर, 4 अक्टूबर . Union Minister और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को लगातार चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए. उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे के चुनाव रद्द करने संबंधी बयान, राहुल गांधी के डिजिटल ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म और एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी.

Union Minister और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष Himachal Pradesh, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों के चुनावों की भी बात कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठाया जा रहा है तो कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसकी पार्टी के उन सांसदों के चुनाव भी रद्द किए जाने चाहिए, जो इसी प्रक्रिया के जरिए Lok Sabha पहुंचे हैं.

चिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के करीब 100 अन्य सांसद भी चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं. ऐसे में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों को अपनी पार्टी के नेताओं के निर्वाचन को लेकर भी स्पष्ट रुख रखना चाहिए.

युवाओं के साथ संवाद को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से इस दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और आने वाले वर्षों में India को विकसित राष्ट्र बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी. इसलिए अलग-अलग मंचों के माध्यम से युवाओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखना जरूरी है.

राहुल गांधी के डिजिटल ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म को लेकर उन्होंने कहा कि युवाओं और आम नागरिकों को अपनी बात रखने के अधिक से अधिक मंच मिलना अच्छी बात है. उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ राहुल गांधी ने ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म शुरू किया है और इसका नाम भी अच्छा रखा गया है.

एसआईआर को लेकर युवाओं में पैदा हो रहे संदेह पर चिराग पासवान ने कहा कि इसी चिंता के कारण वह चुनाव आयोग के पास गए थे. उन्होंने कहा कि कई नागरिकों के मन में वास्तव में इस मुद्दे को लेकर संदेह हो सकता है. विपक्ष द्वारा लगातार एक ही मुद्दा उठाए जाने से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन सकती है.

उन्होंने कहा कि जब किसी बात को बार-बार दोहराया जाता है तो वह लोगों को सच जैसी लगने लगती है. ऐसे में यदि इस तरह के संदेह युवा पीढ़ी तक पहुंच रहे हैं तो उन्हें दूर करना जरूरी है.

चिराग पासवान ने कहा कि वह सिस्टम का हिस्सा हैं और उन्हें इस मामले में किसी तरह के संदेह की गुंजाइश नहीं दिखती. उन्होंने बीएलओ का जिक्र करते हुए कहा कि Political दलों के बीएलए भी प्रक्रिया में मौजूद रहते हैं. उनकी पार्टी के बीएलए यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ गलत कार्रवाई न हो.

अपनी पार्टी के चुनावी फैसलों को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) की राज्य इकाइयों को चुनावी दृष्टिकोण से फैसले लेने की स्वतंत्रता दी है. उन्होंने कहा कि राज्य इकाइयां स्थानीय परिस्थितियों और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले सकती हैं.

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एसएके/पीएम

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