
न्यूटाउन, 25 अगस्त . घुसपैठ के मुद्दे, जनगणना पर ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जनगणना पर पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी की टिप्पणी पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “पूर्व Chief Minister से कहिए कि वे कालीघाट में चुपचाप बैठें. देश भर में जनगणना जून 2025 में शुरू हुई थी. बंगाल में इसे क्यों शुरू नहीं किया गया? बिना किसी से सलाह-मशविरा किए इसे क्यों रोक दिया गया? जनगणना ही लोगों के लिए योजना बनाने और सुविधाएं सुनिश्चित करने का आधार बनेगी.”
उन्होंने कहा कि हमारी Government ने आते ही जनगणना की अनुमति दी है. यह Government का काम है और Governmentी कर्मचारी ही इस कार्य का संचालन कर रहे हैं. यह विरोधियों का काम नहीं है.
घुसपैठ के मामले को लेकर दिलीप घोष ने कहा, “बंगाल में जिस तरह की घुसपैठ हुई है, वह गंभीर चिंता का विषय है. बांग्लादेश और दूसरे देशों से बड़ी संख्या में घुसपैठिये आए हैं और कथित तौर पर उन्होंने नागरिकता, वोटर आईडी और आधार कार्ड हासिल कर लिए हैं. वे असली निवासियों के अधिकार छीन रहे हैं और साथ ही कानून-व्यवस्था के लिए समस्याएं भी पैदा कर रहे हैं.”
दिलीप घोष ने कहा, “दिल्ली से बंगाल को नियंत्रित करना मुश्किल है. इसलिए राज्य Government को अधिकार दिया गया है कि नागरिकता से लेकर बाकी चीजों को देखा जाए. मेरा मानना है कि राज्य Government इस मामले से ठीक से हैंडल कर पाएगा. घुसपैठ से शुरू हुई बंगाल की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी.”
20 बागी सांसदों के खिलाफ टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के Supreme Court जाने पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “वे Supreme Court जा सकते हैं, यह उनका मामला है. हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है.”
ई-20 को लेकर केजरीवाल की बैठक पर दिलीप घोष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल किससे बैठक करेंगे और उनके साथ कौन है. जो एक्सपर्ट्स हैं, वे इस मामले को देखेंगे. केजरीवाल हर मामले में क्यों पड़ जाते हैं, वे पंजाब में पहले अपनी Government बचा लें.
–
एसडी/पीएम