‘अब बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को सीधे जेल या जहन्नुम मिलता है’, सीएम योगी का सपा पर हमला

Lucknow, 26 अगस्त . उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की योजना शुरू करने के साथ Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Wednesday को Samajwadi Party पर तीखा हमला बोला. Lucknow के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ के शुभारंभ कार्यक्रम में योगी ने सपा शासन के दौरान महिला सुरक्षा, पेंशन, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया.

उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश में ‘देख सपाई बिटिया घबराई’ का नारा चलता था, जबकि अब Government ने महिलाओं की सुरक्षा को व्यवस्था और तकनीक से जोड़ा है. Chief Minister ने कहा कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो जेल या जहन्नुम, एक जगह तय हो जाएगी. Government का लक्ष्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है, जहां बेटी घर से निकले, पढ़े, नौकरी करे, कारोबार करे और रात में भी पूरी सुरक्षा के साथ घर लौट सके. 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं थी. न पर्याप्त हेल्पलाइन थी, न कमांड सेंटर और न ही cctv का व्यापक नेटवर्क.

उन्होंने आरोप लगाया कि Governmentी योजनाओं में बिचौलियों और भ्रष्टाचार का प्रभाव था तथा महिलाओं को मिलने वाली सहायता भी पूरी तरह उन तक नहीं पहुंचती थी. आज महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित सेफ सिटी नेटवर्क और 1090 तथा 112 जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं. Chief Minister के मुताबिक, 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला Policeकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या करीब 45 हजार है. आगामी भर्ती के बाद महिला Policeकर्मियों की संख्या 50 हजार से अधिक होने की उम्मीद है.

Chief Minister ने Samajwadi Party पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले महिलाओं को पेंशन के नाम पर केवल 300 रुपये दिए जाते थे और उसमें भी भ्रष्टाचार होता था. उन्होंने कहा कि उनकी Government अब पात्र महिलाओं को सालाना 12 हजार रुपये की सहायता दे रही है और पैसा सीधे बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है. यदि कोई लाभार्थी के खाते से पैसा निकालने या उसमें गड़बड़ी करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. सीएम योगी ने कहा कि Government की योजनाओं का केंद्र अब बेटी और महिला है. बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता तक अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है.

Chief Minister कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म से स्नातक स्तर तक उसकी शिक्षा के अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. सामूहिक विवाह योजना के तहत भी आर्थिक सहायता दी जा रही है. उन्होंने Prime Minister उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने महिलाओं को केवल रसोई के धुएं से राहत नहीं दी, बल्कि उन्हें उससे होने वाली बीमारियों से भी बचाने में मदद की.

उन्होंने कहा कि महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए शौचालय, नल से जल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है. पहले प्रदेश में माफिया और अव्यवस्था का बोलबाला था. उन्होंने आरोप लगाया कि नकल माफिया, भूमि माफिया, बालू माफिया और पशु माफिया समानांतर सत्ता चला रहे थे. उनके मुताबिक उस दौर में बेटी के जन्म पर परिवार खुश होने के बजाय उसकी पढ़ाई और शादी के खर्च को लेकर चिंतित रहता था.

सीएम योगी ने कहा कि पहले बेटियां बस पकड़ने से ही नहीं, बल्कि सपने देखने से भी डरती थीं. उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद Government ने महिलाओं के लिए सुरक्षा और स्वावलंबन का ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिसमें उनकी आर्थिक भागीदारी भी बढ़ी है. Chief Minister ने कहा कि उज्ज्वला, कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं केवल Governmentी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि महिलाओं को जीवन के अलग-अलग पड़ाव पर सहारा देने का माध्यम हैं. उन्होंने कहा कि Government का प्रयास आधी आबादी को सुरक्षा देने के साथ उसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.

उन्होंने Prime Minister मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र Government की नारी शक्ति अधिनियम संबंधी पहल का भी उल्लेख किया और कहा कि महिलाओं को पर्याप्त Political प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.

कार्यक्रम के दौरान Chief Minister ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ का शुभारंभ किया. योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के भीतर निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी. Government के अनुमान के मुताबिक रोजाना करीब 88,438 महिला यात्रियों को इसका लाभ मिल सकता है.

सीएम योगी ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को प्रदेश की महिलाएं एक सहयात्री के साथ निशुल्क बस यात्रा कर सकेंगी. इसके बाद 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की उत्तर प्रदेश निवासी महिलाओं को निशुल्क यात्रा की स्थायी सुविधा मिलेगी.

Chief Minister ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर शुरू की गई यह योजना बुजुर्ग महिलाओं के लिए सुविधा के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का भी संदेश है. Government का लक्ष्य है कि उम्र महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही में बाधा न बने और वे बिना आर्थिक बोझ के प्रदेश में कहीं भी आ-जा सकें. पात्र महिलाओं की पहचान और यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए परिवहन निगम विशेष स्मार्ट कार्ड जारी करेगा. योजना से Government पर हर महीने करीब 22.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है.

कार्यक्रम में Chief Minister ने प्रदेशभर से आई महिलाओं से संवाद भी किया. उन्नाव से आई एक महिला ने योजना के लिए Chief Minister का आभार जताते हुए कहा कि अब जरूरी काम या रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए उन्हें यात्रा के खर्च के लिए परिवार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. परिवहन विभाग के मुताबिक, रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था तीन दिनों तक रहेगी. रोडवेज बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जीपीएस और पैनिक बटन जैसी तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.

विकेटी/एसके

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