
Patna, 25 अगस्त . बिहार की राजधानी Patna में विभिन्न मांगों को लेकर Tuesday को छात्रों के सड़क पर उतरने और प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर छात्र धरने पर बैठे थे, Government ने उनकी लगभग सभी मांगों का समाधान कर दिया है. उन्होंने कहा कि Government की नीति ही युवाओं की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान करना है.
शिक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कहना सही नहीं है कि छात्रों के आंदोलन के कारण Government ने उनकी मांगें मानी हैं. उन्होंने कहा कि Government की मंशा शुरू से ही युवाओं की समस्याओं का समाधान करने की रही है. छात्र अपनी समस्याएं लेकर आए और Government ने उनका समाधान किया. उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र को अभी भी कोई समस्या है तो संवाद के सभी द्वार खुले हैं और छात्र Government के साथ बातचीत कर अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं.
तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए मिथिलेश तिवारी ने कहा कि उन्हें यह सुनकर आश्चर्य हुआ कि जिस व्यक्ति ने कभी बोर्ड की परीक्षा नहीं दी, वह परीक्षा व्यवस्था पर सुझाव दे रहे हैं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव पहले बिहार Government के स्कूल में दाखिला लें, दसवीं की परीक्षा पास करें और उसके बाद परीक्षा व्यवस्था पर सुझाव दें.
शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव छात्रों के आंदोलन को Political रंग देने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रायोजित कार्यक्रम के जरिए अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश करता है, तो बिहार की जनता और छात्र दोनों इसे समझते हैं. उन्होंने दावा किया कि इसी कारण आंदोलन को व्यापक छात्र समर्थन नहीं मिला.
मिथिलेश तिवारी ने राहुल गांधी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश का युवा स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानता है और अपने भविष्य को लेकर सजग है. उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर युवाओं को गुमराह कर आंदोलन खड़ा करने का प्रयास किया गया.
उन्होंने कहा कि युवा India का भविष्य हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए Prime Minister Narendra Modi लगातार प्रयास कर रहे हैं तथा युवाओं से संवाद कर रहे हैं. शिक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के संवाद का समय अब बीत चुका है और कितना भी प्रयास कर लें, देश का युवा उनके साथ खड़ा नहीं होगा. उन्होंने दोहराया कि बिहार Government छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है तथा संवाद के रास्ते हमेशा खुले रहेंगे.
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एमएनपी/डीएससी