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Monday, 19 October 2026
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चोरबागान हादसे के बाद हावड़ा के सहयात्री क्लब के पूजा पंडाल में दर्शकों का प्रवेश बंद

चोरबागान हादसे के बाद हावड़ा के सहयात्री क्लब के पूजा पंडाल में दर्शकों का प्रवेश बंद

हावड़ा, 18 अक्टूबर . उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति में 19 दर्शनार्थियों की मौत के बाद हावड़ा के कदमतला स्थित सहयात्री सार्वजनिक दुर्गोत्सव कमेटी के पूजा पंडाल में भी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. Sunday शाम को हावड़ा सिटी Police ने पंडाल में नोटिस चस्पा कर मुख्य प्रवेश द्वार को गार्ड रेल लगाकर बंद कर दिया.

Saturday शाम को चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव कमेटी के पूजा पंडाल में भारी भीड़ के कारण धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी. इस हादसे में 19 दर्शनार्थियों की मौत हो गई. घटना के बाद प्रशासन ने अन्य पूजा पंडालों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है.

इसी क्रम में Sunday दोपहर हावड़ा की जिलाधिकारी पी. दीपाप्रिया के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरों और Police अधिकारियों की टीम ने मध्य हावड़ा के कदमतला स्थित सहयात्री क्लब के पूजा पंडाल का निरीक्षण किया.

इस वर्ष सहयात्री क्लब के पूजा पंडाल की थीम ‘केदारनाथ दर्शन’ रखी गई थी. पंडाल में संकरे पहाड़ी रास्ते से होकर ऊपर जाने पर केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई थी, जबकि अंदर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी. कलाकारों ने उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया था. पिछले तीन दिनों से शाम होते ही यहां दर्शनार्थियों की भारी भीड़ जुट रही थी.

हालांकि, चोरबागान हादसे के बाद प्रशासन के निर्देश पर Sunday शाम पांच बजे के बाद पंडाल में दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद कर दिया गया. मुख्य द्वार पर गार्ड रेल लगाकर रास्ता घेर दिया गया, जिसके कारण दर्शन के लिए पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा. कई लोगों को दूर से ही पंडाल देखकर वापस जाना पड़ा.

क्लब के पदाधिकारी देवाशीष मित्र ने बताया कि कमेटी प्रशासन के निर्देशों के अनुसार काम कर रही है. प्रशासन का मानना है कि पंडाल का ढांचा पर्याप्त मजबूत नहीं है. किसी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए ही दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है.

प्रशासन के अनुसार, पंडाल के निर्माण में लोहे के ढांचे का इस्तेमाल किया जाना चाहिए था. इसके बजाय लकड़ी, बांस और ईंटों का इस्तेमाल किए जाने के कारण इसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है. इसी को देखते हुए एहतियातन पंडाल में लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है.

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डीएससी

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