
New Delhi, 1 अक्टूबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने Thursday को चीन के विदेश मंत्री वांग यी और चीनी लोगों को ‘पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ की स्थापना की सालगिरह पर शुभकामनाएं दी. इस दिन को चीन में नेशनल डे के रूप में भी मनाया जाता है.
जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना की सालगिरह पर पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी तथा चीन के लोगों को मेरी शुभकामनाएं.”
पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) की स्थापना की सालगिरह हर साल एक अक्टूबर को मनाई जाती है. इसी दिन 1949 में माओत्से तुंग ने औपचारिक रूप से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना की घोषणा की थी.
जयशंकर का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में India और चीन के रिश्तों में सुधार देखने को मिला है.
इससे पहले न्यूयॉर्क की अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर ने कहा था कि लंबे समय तक चले सीमा तनाव के सबसे खराब दौर के मुकाबले भारत-चीन रिश्तों में सुधार हुआ है. हालांकि, उन्होंने साफ किया था कि दोनों देशों के रिश्ते कितने सामान्य हो पाएंगे, यह सीमा पर हालात पर निर्भर करेगा.
जयशंकर ने कहा था कि भारत-चीन संबंध 2025 के मुकाबले अब बेहतर हैं और 2024 की तुलना में स्थिति में ज्यादा सुधार हुआ है. हालांकि, उन्होंने इस सुधार को दोनों देशों के रिश्तों में किसी बुनियादी बदलाव के तौर पर देखने से आगाह किया.
जयशंकर ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह कोई बुनियादी बदलाव है. यह इस बात से ज्यादा जुड़ा है कि रिश्ते जितने खराब हो गए थे, वहां से अब उनमें सुधार हो रहा है. उन्होंने कहा कि 2020 की घटनाओं और उसके बाद लंबे समय तक चले सीमा तनाव की वजह से दोनों देशों के बीच सामान्य संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ था.
दोनों देशों के बीच व्यापार जारी रहा, लेकिन Governmentी स्तर पर संपर्क, वीजा और उड़ानें प्रभावित हुईं. जैसे-जैसे सीमा पर तनाव कम हुआ, इनमें से कुछ संपर्क दोबारा शुरू होने लगे. जयशंकर ने इसे रिश्तों में स्थिरता लौटने का स्वाभाविक नतीजा बताया था, न कि इस बात का सबूत कि दोनों देशों के बीच मौजूद बुनियादी मुद्दे खत्म हो गए हैं.
उन्होंने कहा था कि हमारे रिश्तों में गिरावट वास्तव में हम दोनों में से किसी के लिए फायदेमंद नहीं है. ऐसी स्थिति का फायदा तीसरे पक्ष उठा सकते हैं.
–
एवाई/एबीएम