
बनबसा, 4 अक्टूबर . उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने Sunday को बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में राज्य कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की. चंपावत जिले में राज्य कैबिनेट की बैठक पहली बार आयोजित की गई. बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, स्वास्थ्य, चारधाम यात्रा, यातायात व्यवस्था और विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. Chief Minister ने बताया कि बैठक में करीब 25 से 26 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया.
उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने समाचार एजेंसी से कहा कि राज्य Government ने सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है. पहले यह राशि करीब 75 हजार रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर एक लाख रुपये से अधिक कर दिया गया है. इसके अलावा देहरादून, लालकुआं और बिंदुखत्ता समेत अन्य क्षेत्रों में ‘क्लास बी’ भूमि के नियमितीकरण की समय-सीमा को एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है.
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. Government का प्रयास है कि राज्य Government की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचे. बनबसा और टनकपुर क्षेत्र चंपावत जिले का हिस्सा हैं और यहां ‘आदर्श चंपावत’ के विजन के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं. Chief Minister ने कहा कि इन क्षेत्रों में सभी विभाग सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. कैबिनेट के साथ वरिष्ठ अधिकारियों के यहां पहुंचने से विकास कार्यों को नई गति मिलेगी.
चारधाम यात्रा को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई. Chief Minister ने कहा कि यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए सड़कों की स्थिति और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी विचार किया गया.
Chief Minister ने बताया कि बैठक में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी के देशसेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 7 तारीख को सभी जिलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
धामी ने कहा कि बनबसा और टनकपुर नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र हैं और दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां की संस्कृति और परंपराओं में काफी समानता है तथा दोनों ओर के लोगों के बीच ‘रोटी-बेटी’ के रिश्ते भी हैं. Government सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और यहां के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे भी महत्वपूर्ण फैसले लेती रहेगी.
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एसएके/पीएम