
New Delhi, 25 अगस्त . चाय की कीमतों में बढ़ोतरी, कंगना रनौत के बयान और मराठी भाषा विवाद पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है.
नेता संजय राउत ने चाय की बढ़ती कीमतों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “चाय की कीमत 15 रुपये हो गई है, जबकि बड़े होटलों में यही चाय 200-300 रुपये में मिलती है. हमारी जिंदगी 50 पैसे की चाय से शुरू हुई है.” राउत ने तंज कसते हुए कहा, “अब भाजपा वाले कहेंगे कि चाय मत पियो. चाय पीना अपराध है, देशद्रोह है. राष्ट्रभक्ति के नाम पर कोई आदेश जारी कर देंगे. खुद इथेनॉल पिएंगे. गरीब आदमी को मेहनत करके एक कप चाय नसीब होती है और ये लोग Governmentी चाय पीते हैं.”
कंगना रनौत की ओर से कृति सेनन और तापसी पन्नू पर कटाक्ष करने को लेकर संजय राउत ने कहा, “आप लोग कंगना रनौत को इतनी गंभीरता से क्यों लेते हैं? उनको इतना महत्व नहीं दिया जाना चाहिए. ये अंधभक्त लोग हैं. उनसे पूछना चाहिए कि चाय क्यों महंगी हो गई है. चीनी बनाने वाला गन्ना इथेनॉल बनाने में चला गया.
Maharashtra में मराठी भाषा बोलने को लेकर संजय राउत ने कहा, “संविधान में जो अधिकार दिया गया है, उसका इस्तेमाल होना चाहिए. चाहे Maharashtra हो या बंगाल, कॉर्पोरेट में स्थानीय भाषा होनी चाहिए. देश की भाषा एक होनी चाहिए, हिंदी. अगर अंग्रेजी गुलामी का लक्षण है तो हिंदी में बात होनी चाहिए. Supreme Court और ब्यूरोक्रेट्स को हिंदी में लिखना और बोलना चाहिए. उनको हिंदी में जवाब देने से किसने रोका है?
बीते दिन भी संजय राउत ने अखिलेश यादव के बयान पर कहा था, “अखिलेश यादव ने ऐसा कुछ नहीं कहा. यहां और हर राज्य में एक कानून है कि स्थानीय भाषा बोली जानी चाहिए. अखिलेश ने यही कहा, लेकिन यह कानून सभी पर लागू होना चाहिए. जो लोग कॉर्पोरेट में, ऊंचे पदों पर या ऑफिस में काम करते हैं, वे मराठी क्यों नहीं बोलते? उन्हें भी मराठी आनी चाहिए और उन पर भी मराठी सख्ती से लागू होनी चाहिए. हर राज्य में लोगों को गर्व और आत्म-सम्मान के साथ स्थानीय भाषा बोलनी चाहिए.”
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एसडी/एएस