
New Delhi, 11 सितंबर Prime Minister Narendra Modi ने Friday को New Delhi के India मंडपम में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिक्स आज वैश्विक अर्थव्यवस्था, नवाचार और व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है. उन्होंने कहा कि India की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है और पिछले 12 वर्षों में India ने इसी मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का आधार बनाया है.
Prime Minister मोदी ने बिजनेस फोरम में मौजूद सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा, “आप सभी का ब्रिक्स बिजनेस फोरम में हार्दिक स्वागत है. इस वर्ष हम ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं. जब 2006 में इस समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें केवल चार देश शामिल थे. आज ब्रिक्स सदस्यों और साझेदार देशों को मिलाकर हमारा परिवार बढ़कर 21 देशों का हो गया है.”
उन्होंने कहा कि आज ब्रिक्स देशों का समूह दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है. Prime Minister ने कहा कि पिछले दो दशकों में जहां वैश्विक जीडीपी लगभग ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी लगभग साढ़े चार गुना बढ़ी है. उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कि ब्रिक्स की आर्थिक ताकत दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बढ़ी है.
Prime Minister मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक नवाचार और समाधान के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकों तक, ब्रिक्स देशों में नवाचार की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, उसकी गति और उसके प्रति आशावाद स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. उन्होंने यह भी कहा कि India की मेजबानी में आयोजित यह ब्रिक्स बिजनेस फोरम अब तक का सबसे बड़ा बिजनेस फोरम है.
India की ब्रिक्स अध्यक्षता की प्राथमिकताओं पर बोलते हुए Prime Minister ने कहा कि लचीलापन के तहत India ने ऊर्जा से लेकर प्रौद्योगिकी तक विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाया है. उन्होंने कहा कि इसी मजबूती का परिणाम है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद India आज विकास और स्थिरता का भरोसा देता है.
Prime Minister ने कहा कि India तेजी से अपनी सड़क, रेलवे, बंदरगाह और हवाई अड्डा अवसंरचना का विस्तार कर रहा है. इसके साथ ही देश जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताओं का निर्माण कर रहा है.
उन्होंने डिजिटल अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि India के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने वित्तीय समावेशन और बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है. Prime Minister ने कहा कि आज दुनिया के 50 प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल भुगतान यूपीआई तकनीक के माध्यम से हो रहे हैं.
Prime Minister मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं, India आर्थिक पुल बनाने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक India ने लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं.
उन्होंने कहा कि India का दृष्टिकोण व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबार के लिए नए अवसरों का विस्तार करने पर केंद्रित है. इसी उद्देश्य से India की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान कृषि, स्वास्थ्य, कौशल विकास और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क स्थापित किए गए हैं.
Prime Minister ने कहा कि स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बाजार और वित्तीय संसाधनों से जोड़ने के लिए ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क, ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहल शुरू की गई हैं. उन्होंने बिजनेस फोरम में मौजूद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से इन सहयोगी मंचों का उपयोग कर ब्रिक्स देशों के बीच निवेश और प्रतिभा के आदान-प्रदान को और मजबूत बनाने का आह्वान किया.
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डीएससी