गौतमबुद्धनगर में स्वाइन फ्लू के 120 मामले; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 20 बेड का वेंटिलेटर युक्त आईसीयू तैयार

नोएडा, 26 अगस्त . गौतमबुद्धनगर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है. जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के करीब 120 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है. विभाग ने नागरिकों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को ढकने की अपील की है. साथ ही लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की दवा लेने से बचने की सलाह दी गई है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मौसम में बदलाव और वायरल संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों की पहचान, जांच और उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. जिले में स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े. स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर मरीजों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 20 बेड का वेंटिलेटर युक्त आईसीयू भी तैयार रखा है.

अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा. अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर घबराने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें. उन्होंने कहा कि खांसी, गले में खराश, बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में लोगों से कहा गया है कि खांसते या छींकते समय रुमाल, टिश्यू या कोहनी का इस्तेमाल कर मुंह और नाक को ढकें. हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोते रहें और संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें. भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की भी सलाह दी गई है.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं से दवा लेना उचित नहीं है. कई लोग बुखार या सर्दी-जुकाम होने पर मेडिकल स्टोर से दवा लेकर उपचार शुरू कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर सावधानी बरतने को कहा है. डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा का सेवन करने की अपील की गई है.

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें और संक्रमण के लक्षण होने पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लें. विभाग का कहना है कि समय पर पहचान और उपचार से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है.

पीकेटी/पीएम

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