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Saturday, 7 November 2026
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गुवाहाटी होटल गोलीबारी मामला: पोस्टमार्टम के बाद आरोपी का शव परिजनों को सौंपा, मुठभेड़ में ढेर हुआ था गोगोई

गुवाहाटी होटल गोलीबारी मामला: पोस्टमार्टम के बाद आरोपी का शव परिजनों को सौंपा, मुठभेड़ में ढेर हुआ था गोगोई

गुवाहाटी, 6 नवंबर . गुवाहाटी होटल गोलीबारी मामले के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है.

Police हिरासत में हुई मौतों के मामलों के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए यह पोस्टमॉर्टम तीन अलग-अलग मेडिकल संस्थानों के फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में किया गया. 34 वर्षीय गोगोई Wednesday तड़के असम के शिवसागर जिले में एक Police मुठभेड़ में मारा गया था.

Police का दावा है कि एक अन्य मामले के सिलसिले में उसे शिवसागर ले जाया जा रहा था, तभी उसने हिरासत से भागने की कोशिश की. एएमसीएच के एक अधिकारी ने बताया कि तीन अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी सुनिश्चित करने में लगे समय के कारण पोस्टमॉर्टम में देरी हुई.

यह प्रक्रिया तीन घंटे से अधिक समय तक चली. प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शव को फोरेंसिक मेडिसिन विभाग से बाहर निकाला गया और शाम करीब 7:10 बजे गोगोई के परिवार को सौंप दिया गया. इसके बाद परिवार शव लेकर अपने घर के लिए रवाना हो गया. यह मुठभेड़ Wednesday तड़के करीब 3:10 बजे गौरीसागर इलाके में हुई थी.

होटल गोलीबारी मामले में गोगोई सात दिन की Police रिमांड पर था और Tuesday को स्थानीय अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इसके कुछ घंटों बाद, उसे 2024 में दर्ज बैंक धोखाधड़ी के एक अलग मामले में गुवाहाटी सेंट्रल जेल से गिरफ्तार किया गया.

होटल ‘बिलास इन’ के लीजधारक गोगोई को 26 अक्टूबर को गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में जीएस रोड पर स्थित होटल में हुई गोलीबारी के बाद गिरफ्तार किया गया था. होटल में हुई गोलीबारी में भारली परिवार के पांच सदस्य और एक कर्मचारी की मौत हो गई थी, जबकि परिवार का ड्राइवर घायल हो गया था.

Police का आरोप है कि संपत्ति के प्रबंधन और उसके इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद के कारण यह हिंसा हुई. Police के अनुसार, गोगोई द्वारा संपत्ति का नवीनीकरण कराए जाने के बाद विवाद सामने आया था. विवाद सुलझाने के लिए 26 अक्टूबर को एक बैठक तय की गई थी, लेकिन कथित तौर पर बहस हिंसक हो गई, जिसके बाद गोगोई ने गोली चला दी.

असम Police ने इन हत्याओं की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था. पीड़ित परिवार ने इस हमले को पहले से सोची-समझी साज़िश बताया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

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एसडी/एएस

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