
गुरुग्राम, 25 अगस्त . भारी मानसूनी बारिश के कारण जलभराव और यातायात संबंधी समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त उत्तम सिंह ने बारिश के बाद कई स्थानों पर स्कूल बसों को हुई परेशानियों के मद्देनजर अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक की और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए.
उपायुक्त ने स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिला प्रशासन के निर्देशानुसार गुरुग्राम ट्रैफिक Police स्कूल रूटों पर जलभराव की स्थिति की रियल टाइम जानकारी स्कूलों के साथ साझा करेगी.
बारिश या मौसम संबंधी चेतावनी के दौरान सुबह 5:30 बजे, 10:30 बजे और 12:30 बजे नियमित रिपोर्ट जारी की जाएगी. वहीं, किसी मार्ग पर अचानक जलभराव या अवरोध पैदा होने पर 30 मिनट के भीतर फ्लैश अपडेट जारी करना अनिवार्य होगा. सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जलभराव घोषित मार्गों पर स्कूल बसें न चलाएं और उपलब्ध होने पर सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें.
यदि कोई सुरक्षित विकल्प उपलब्ध नहीं है, तो विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में कर्मचारियों की निगरानी में रखा जाएगा और अभिभावकों को तुरंत सूचित किया जाएगा. भारी बारिश की स्थिति में छात्रों की छुट्टी भी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी.
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी बच्चे को जलभराव वाले या असुरक्षित बस स्टॉप पर नहीं छोड़ा जाएगा. बच्चों को केवल उनके माता-पिता या अधिकृत अभिभावकों को ही सौंपा जाएगा. हर स्कूल बस में एक स्टाफ एस्कॉर्ट और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य होगी. बस चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जलभराव वाले मार्गों और अंडरपास से होकर बस न ले जाएं. रूट या समय में किसी भी बदलाव की स्थिति में स्कूलों को एसएमएस या स्कूल ऐप के माध्यम से पहले ही अभिभावकों को सूचना देनी होगी.
डीसीपी ट्रैफिक को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील स्थानों पर जरूरत के अनुसार ट्रैफिक कर्मियों, टो वाहन और पीसीआर वाहनों की तैनाती सुनिश्चित की जाए. सुबह 7 बजे से 9 बजे और दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक स्कूल बसों के सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता दी जाएगी. प्रशासन ने बारिश के दौरान अतिरिक्त Haryana रोडवेज बसों को स्टैंडबाय रखने का भी फैसला किया है. यदि किसी स्कूल बस के जलभराव में फंसने या खराब होने की स्थिति बनती है, तो इन बसों की मदद से छात्रों को सुरक्षित स्थान या स्कूल तक पहुंचाया जाएगा.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को बिना निगरानी के नहीं छोड़ा जाएगा. जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को 24 घंटे के भीतर Governmentी, निजी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्राचार्यों व परिवहन प्रभारियों को जोड़ते हुए समर्पित व्हाट्सएप ब्रॉडकास्ट ग्रुप और बल्क एसएमएस सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. ट्रैफिक Police से प्राप्त हर रिपोर्ट और फ्लैश अपडेट को 15 मिनट के भीतर सभी स्कूलों तक पहुंचाना अनिवार्य होगा. यह व्यवस्था गुरुग्राम के अलावा सोहना, पटौदी, मानेसर, फर्रुखनगर और बादशाहपुर क्षेत्रों के स्कूलों पर भी लागू होगी.
दिशा-निर्देशों के अनुसार हर स्कूल को एक ट्रांसपोर्ट इंचार्ज या रूट सेफ्टी अधिकारी नियुक्त करना होगा. बारिश के दौरान छात्रों को बेसमेंट या अन्य निचले क्षेत्रों में एकत्र नहीं किया जाएगा. स्कूलों को परिसर में विद्युत पैनलों और खुले तारों की भी नियमित जांच सुनिश्चित करनी होगी. जीएमडीए, नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद मानेसर, एचएसवीपी, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और Haryana रोडवेज को स्कूल बस रूटों तथा स्कूल गेटों के आसपास जल निकासी कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं. संबंधित अधिकारी बारिश के दौरान और बाद में चिह्नित जलभराव वाले क्षेत्रों में मौजूद रहेंगे.
इसके अलावा Haryana रोडवेज को 48 घंटे के भीतर अतिरिक्त बसों और चालकों की सूची तथा उनकी तैनाती स्थलों का विवरण प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. उपायुक्त ने एडीसी सोनू भट्ट को इन निर्देशों के पालन की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है. वे प्रत्येक Friday को ट्रैफिक Police, शिक्षा विभाग, जीएमडीए, Haryana रोडवेज और नगर निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे.
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एएमटी/एबीएम