
गांधीनगर, 5 अक्टूबर . Gujarat की Governmentी इमारतों में ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रहा है. राज्य का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में इस कार्यक्रम के तहत 15,000 इमारतों को कवर करना है.
जलवायु परिवर्तन विभाग के तहत Gujarat एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (जीईडीए) द्वारा 2011-12 से लागू इस पहल का मकसद रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देना, पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करना और Governmentी बिजली खर्च को घटाना है.
जलवायु परिवर्तन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, “इस कार्यक्रम में 2025-26 के दौरान काफी प्रगति हुई, जब 1,377 Governmentी इमारतों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए और 17.1 मेगा वाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी गई. इस विस्तार के साथ मार्च 2026 तक रूफटॉप सोलर सिस्टम वाली Governmentी इमारतों की कुल संख्या 6,014 हो गई, जिससे इस पहल के तहत कुल क्षमता 95 मेगावाट तक पहुंच गई.”
Chief Minister भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में Gujarat Government ने चालू वित्त वर्ष में इस कार्यक्रम के बड़े विस्तार की योजना बनाई है. अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, “इस साल Governmentी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का सबसे बड़ा विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि हम 15,000 Governmentी इमारतों पर इन्हें लगाने की योजना बना रहे हैं. इस प्रस्तावित विस्तार से लगभग 65 मेगावाट सोलर क्षमता जुड़ने की उम्मीद है, जिससे राज्य के पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) का इस्तेमाल और मजबूत होगा.”
Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करने, छतों को बिजली पैदा करने वाले साधनों में बदलने और बिजली के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने की कोशिशें की जा रही हैं. जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री प्रवीण माली ने कहा, “सोलर सिस्टम लगाने से कई पर्यावरणीय और आर्थिक फायदे होने की उम्मीद है, जैसे पारंपरिक बिजली की खपत में कमी, Governmentी दफ्तरों के बिजली खर्च में कमी और पारंपरिक बिजली उत्पादन से होने वाले प्रदूषण में कमी.”
इस कार्यक्रम के लिए 2026-27 में 314 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है. जीईडीए के डायरेक्टर धर्मेंद्र पटेल ने बताया कि इसमें से 278 करोड़ रुपए सामान्य Governmentी इमारतों के लिए, 3 करोड़ रुपए सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाली इमारतों के लिए और 33 करोड़ रुपए आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्रबंधित इमारतों के लिए आवंटित किए गए हैं.
यह पहल रिन्यूएबल एनर्जी को अपनाने और एक स्वच्छ और अधिक टिकाऊ ऊर्जा प्रणाली की ओर बढ़ने की राज्य की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है. इस योजना के तहत, Gujarat Government के अधिकार क्षेत्र में आने वाली Governmentी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं. इन प्रोजेक्ट्स के लिए क्लाइमेट चेंज विभाग के सालाना बजट आवंटन से 100 प्रतिशत कैपिटल-कॉस्ट सपोर्ट (पूंजीगत लागत सहायता) के जरिए फंड दिया जाता है.
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, Gujarat 47,178 मेगावाट की इंस्टॉल्ड क्षमता के साथ रिन्यूएबल एनर्जी के मामले में देश का अग्रणी राज्य बन गया है. राज्य ने पिछले साल रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता में बड़ी वृद्धि की है और Rajasthan को पीछे छोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है. सौर और पवन ऊर्जा Gujarat के रिन्यूएबल एनर्जी मिक्स का मुख्य आधार बने हुए हैं.
अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, “इस सिस्टम का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर स्मार्ट मीटर, सेंसर और आईओटी गेटवे को जोड़ता है, जो जीपीआरएस, 4जी और ईथरनेट के जरिए कनेक्टेड होते हैं. यह ऑटोमेटेड रिमोट अलर्ट देता है और हर 15 मिनट में परफॉर्मेंस डेटा कैप्चर करता है, जिससे रोजाना 96 रीडिंग तक मिलती हैं. यह इंटरफेस अभी 142.5 मेगा वाट सौर और 68.3 मेगा वाट पवन ऊर्जा उत्पादन सहित बड़ी क्षमता की निगरानी करता है.”
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एसडी/पीएम