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Tuesday, 27 October 2026
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गुजरात का रक्षा शक्ति स्कूल छात्रों को बना रहा अनुशासित और फिट, रक्षा व पुलिस सेवाओं के लिए दे रहा विशेष प्रशिक्षण

Gujarat का रक्षा शक्ति स्कूल छात्रों को बना रहा अनुशासित और फिट, रक्षा व Police सेवाओं के लिए दे रहा विशेष प्रशिक्षण

गांधीनगर, 25 अक्‍टूबर . गांधीनगर के लावड में स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के परिसर में रक्षा शक्ति स्कूल पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित आवासीय विद्यालय में एकेडमिक स्टडीज के साथ बच्चों के अनुशासन, फिटनेस, टीम वर्क और फिजिकल ट्रेनिंग पर विशेष जोर दिया जाता है.

Gujarat Government द्वारा संचालित इस पीपीपी मॉडल पर आधारित आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों को कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा दी जा रही है.

रक्षा शक्ति स्कूल के छात्र आयुष परमार ने बताया कि हमें रोज सुबह पांच बजे उठाया जाता है. आधे घंटे के बाद तैयार होकर हम पीटी के लिए जाते हैं, जहां स्‍वास्‍थ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए एक्‍सरसाइज करते हैं. पीटी के बाद वापस हॉस्‍टल आते हैं और ब्रेकफास्‍ट के लिए तैयार होते हैं. इसके बाद स्‍कूल के लिए निकलते हैं.

छात्रा स्मित कुमार पटेल ने कहा कि पीटी हमें शारीरिक रूप से तंदरुत रहते हैं और टीमवर्क करना सिखाती है. जब हम फील्‍ड वर्क पर जाते हैं तो जगह का अनुभव होता है और जानकारी मिलती है. इस दौरान हमें टीमवर्क और अनुशासन में रहने के लिए प्रेरित किया जाता है.

रक्षा शक्ति स्कूल में छात्रों को शारीरिक और मानसिक विकास के लिए ड्रिल के साथ फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे गेम्स भी खिलाए जाते हैं.

रक्षा शक्ति स्कूल की अध्यापिका ऋतु ने बताया कि हम मॉर्निंग ड्रिल से लेकर शाम तक बच्‍चों के विशेष प्रकार के खेल का ध्‍यान रखते हैं. खेल में विशेष तौर पर फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन और स्‍केटिंग कराए जाते हैं. खेलों से बच्‍चों का सर्वांगीण विकास होता है. ऐसे बच्‍चे आने वाले समय में डिफेंस सर्विसेज में जाने के लिए तैयार रहते हैं.

Gujarat Government द्वारा सैनिक स्कूल की तर्ज पर शुरू किए गए रक्षा शक्ति स्कूल में केंद्रीय सशस्त्र Police बलों (सीएपीएफ) और राज्य Police बलों में करियर बनाने का सपना देखने वाले बच्चों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है.

रक्षा शक्ति स्कूल के निदेशक बीआर राव ने कहा कि मिलिट्री स्‍कूल का जो सिस्‍टम होता है, यह उसी प्रकार चलता है, लेकिन प्रमुख मुद्दा है, इनका सेंट्रल आर्मर Police आर्गनाइजेशन और स्‍टेट Police आर्गनाइजेशन से उसके भीतर इनको अच्‍छी तरह से प्रशिक्षण देकर मदद करने का मकसद था.

एकेडमिक स्टडीस से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक रक्षा शक्ति स्कूल युवाओं को न केवल अनुशासन, शारीरिक दक्षता और जिम्मेदारी की भावना का पाठ पढ़ा रहा है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार कर रहा है और उनके लिए सुरक्षा व रक्षा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के द्वार भी खोल रहा है.

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एएसएच/वीसी

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