
Lucknow, 9 सितंबर . उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिला है. Government ने राइस मिल, फ्रूट पल्प, रेडी-टू-ईट, रेडी-टू-कुक, बेकरी और आइसक्रीम समेत छह नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है. उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इससे किसानों को बेहतर बाजार और मूल्य मिलेगा तथा युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार व उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे.
उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों की आय बढ़ाने के साथ युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार तथा उद्यमिता के नए अवसर पैदा करने का प्रभावी माध्यम बनेगा. मौर्य ने कहा कि Government की प्राथमिकता किसानों के कृषि और बागवानी उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत उपलब्ध सुविधाओं, प्रोत्साहनों और अनुदान की जानकारी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक उद्यमी इस क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आएं. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के विकसित India के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन रहा है. प्रदेश में फल-सब्जी, दुग्ध, अनाज, दाल, तिलहन, रेडी-टू-ईट, रेडी-टू-कुक, बेकरी, स्नैक्स, मसाले, शहद, गुड़ आधारित उत्पाद और जूस-पल्प जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं.
उपChief Minister ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का भी बड़ा माध्यम बन सकता है. स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को प्रसंस्करण के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाई जा सकती है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और महिलाएं आर्थिक रूप से अधिक मजबूत होंगी.
इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में गठित अप्रेजल समिति की बैठक खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में हुई. बैठक में प्रस्तुत छह परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों और निर्देशों के साथ स्वीकृति प्रदान की गई. स्वीकृत परियोजनाओं में राइस मिल, फ्रूट पल्प प्लांट, रेडी-टू-ईट एवं रेडी-टू-कुक इकाइयां, बेकरी और आइसक्रीम उत्पादन समेत अन्य खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियां शामिल हैं.
समिति ने परियोजना संचालकों को स्थानीय किसानों और दुग्ध उत्पादकों से कच्चे माल की खरीद को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. इससे किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलने के साथ कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन होगा. समिति ने सभी परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, नियमित निरीक्षण करने और उनकी प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं.
Government के अनुसार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश बढ़ने से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और प्रदेश में रोजगार तथा उद्यमिता के नए द्वार खुलेंगे.
–
विकेटी/डीकेपी