
New Delhi, 13 सितंबर . स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ दास की पुण्यतिथि पर Union Minister मनोहर लाल, नितिन गडकरी, पंकज चौधरी और Chief Minister रेखा गुप्ता सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि देते हुए याद किया है.
Union Minister मनोहर लाल ने एक्स पोस्ट में कहा, “‘विजय या मृत्यु’ के अटूट प्रण के साथ 63 दिनों की भूख हड़ताल से ब्रिटिश साम्राज्य की नींद उड़ा देने वाले मां भारती के वीर सपूत, महान क्रांतिकारी, अमर हुतात्मा जतीन्द्रनाथ दास के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले लाल पर राष्ट्र सर्वदा गर्व करेगा.”
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट किया, “महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ दास की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र अभिवादन.”
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पोस्ट में कहा, “India की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारी अमर शहीद जतीन्द्रनाथ दास के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि. मां भारती की सेवा में उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा.”
दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट पर लिखा, “मां भारती की स्वतंत्रता को जीवनधर्म मानने वाले अमर क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ दास जी का तप, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा अद्वितीय थी. 63 दिनों का अनशन भी उनके अडिग संकल्प को विचलित नहीं कर सका. राष्ट्र के लिए सर्वस्व अर्पित करने वाले इस महान बलिदानी को पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक नमन.”
उत्तर प्रदेश के उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी, अमर शहीद जतीन्द्रनाथ दास के शहादत दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए जतीन्द्रनाथ दास जी ने अदम्य साहस, त्याग और अटूट संकल्प का परिचय दिया. उनका बलिदान हम सभी को सदैव राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा.”
कांग्रेस की ओर से एक्स पर लिखा, “क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी जतीन्द्रनाथ दास को उनकी शहादत की बरसी पर याद करते हुए. India की आज़ादी की लड़ाई के प्रति उनका साहस, त्याग और अटूट समर्पण पूरे India की पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा.”
गौरतलब है कि जतीन्द्रनाथ दास का जन्म 27 अक्टूबर 1904 और 13 सितंबर 1929 को हुई थी. जतीन्द्रनाथ दास ने India को ब्रिटिश राज से स्वतंत्र कराने के लिए काम किया और वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य थे. India के स्वतंत्रता संग्राम के Political कैदियों के अधिकारों के लिए 63 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद लाहौर की बोर्स्टल जेल में उनका निधन हो गया. आखिरी दम तक जतीन्द्रनाथ दास ने न तो दवाओं को ग्रहण किया और न ही कोई भोजन स्वीकार किया. उनकी मृत्यु के समय उनकी आयु केवल 24 वर्ष थी. उनकी मृत्यु India के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण घटना साबित हुई, उनके अंतिम संस्कार में पांच लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे.
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ओपी/एएस