
इंदौर, 22 सितंबर . भाजपा पार्षद संध्या यादव को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. कांग्रेस ने विजयवर्गीय की टिप्पणी को लेकर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की, जबकि भाजपा पार्षद संध्या यादव ने खुद सामने आकर उनका बचाव किया. उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनका रिश्ता Political नहीं, बल्कि पिता-पुत्री जैसा है और उनकी कही गई बात को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.
भाजपा पार्षद संध्या यादव ने पूरे विवाद को कांग्रेस की ओर से मुद्दा बनाए जाने से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस हर चीज को मुद्दा बना लेती है. उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में नर्मदा के पानी की टंकी के भूमिपूजन और पूरे वार्ड में नर्मदा लाइन बिछाने के काम का भूमिपूजन किया गया था. इसके साथ ही संजीवन क्लीनिक के लोकार्पण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था. इस आयोजन में कैबिनेट मंत्री और उनकी विधानसभा के विधायक कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए थे. कार्यक्रम में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे.
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने जो भी बातें कही थीं, उनका संदर्भ उनके और विजयवर्गीय के बीच लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक रिश्ते से जुड़ा है. विजयवर्गीय के साथ उनका रिश्ता पिता-पुत्री का है और इसलिए उनकी बात को किसी दूसरे अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए. इस दौरान उन्होंने अपने परिवार और कैलाश विजयवर्गीय के पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि जब कैलाश विजयवर्गीय पार्षद हुआ करते थे, तब वह खुद बहुत छोटी थीं. उस समय विजयवर्गीय ने उन्हें गोद में खिलाया था. यही वजह है कि दोनों के बीच पिता-पुत्री जैसा संबंध है. यादव ने लोगों से अपील की कि इस पूरे मामले को अन्यथा न लिया जाए और इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने से बचा जाए.
संध्या यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र में बातचीत के दौरान रिश्तों के लिए अलग तरह की स्थानीय भाषा और संबोधन का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने ‘मोटा भाई’ और ‘छोटा भाई’ जैसे संबोधनों का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय बोलचाल में इस तरह के शब्द सामान्य रूप से इस्तेमाल होते हैं.
उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय के लिए वह बेटी समान हैं और उनके लिए विजयवर्गीय पिता तुल्य हैं. इसलिए कार्यक्रम के दौरान कही गई बात को इसी पारिवारिक रिश्ते और स्थानीय बोलचाल के संदर्भ में देखा जाना चाहिए.
विवाद के बीच कैलाश विजयवर्गीय ने भी खेद जताया और कहा कि संध्या यादव उनके लिए बेटी जैसी हैं.
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पीएसके/एबीएम