केन-बेतवा परियोजना के मुआवजा और पुनर्वास की जांच हो: जीतू पटवारी

Bhopal , 11 सितंबर . केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित परिवारों के मुआवजे में रिश्वतखोरी का मामला सामने आने पर Madhya Pradesh कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पुनर्वास और मुआवजे की जांच कराने की मांग की है.

दरअसल, पिछले दिनों पन्ना जिले में एक विस्थापित परिवार से मुआवजे के एवज में रिश्वत लेने का मामला सामने आया और लोकायुक्त ने राजस्व कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़ा.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कहा कि 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई, 30 हजार रुपए पहले लिए गए और 47 हजार रुपए लेते हुए पटवारी लोकायुक्त के हाथों पकड़ा गया. अगर विस्थापित परिवारों को उनका हक दिलाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त थी, तो फिर उनके मुआवजे और दस्तावेजों के नाम पर रिश्वत क्यों मांगी गई?

उन्होंने Chief Minister से सवाल करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक पटवारी के भ्रष्टाचार का मामला नहीं है. यह उन 1321 विस्थापित परिवारों के अधिकारों और Government की पूरी मुआवजा-पुनर्वास व्यवस्था पर सवाल है. Government ने विधानसभा में दावा किया था कि सर्वे के बाद मुआवजा निर्धारण और पुनर्वास लाभों के वितरण में कोई अनियमितता नहीं मिली. अब लोकायुक्त की कार्रवाई ने उस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है.

उन्होंने Chief Minister से मांग की कि 1321 विस्थापित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और विस्थापितों के हक के पैसे पर भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.

पटवारी ने कहा कि विकास के नाम पर विस्थापितों को उनका हक देने के बजाय यदि Governmentी तंत्र रिश्वत मांगता है, तो यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं बल्कि गरीब और विस्थापित परिवारों के साथ अन्याय है. Chief Minister को तय करना होगा कि उनकी Government विस्थापितों के साथ खड़ी है या भ्रष्ट तंत्र के साथ.

एसएनपी/एएसएच

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