केटीआर ने तेलंगाना सीएम पर साधा निशाना, कहा-बीआरएस विधायकों पर यौन उत्पीड़न का केस दर्ज करवाना कानून का दुरुपयोग

हैदराबाद, 12 सितंबर . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने Saturday को बीआरएस के विधायकों और एमएलसी पर केस दर्ज किए जाने पर Chief Minister और डीजीपी पर निशाना साधा.

केटीआर ने एक्स पर लिखा, “तेलंगाना के Chief Minister ने विधानसभा के एंट्री पॉइंट पर हुई हाथापाई के मामले में बीआरएस के विधायकों और एमएलसी के खिलाफ अपनी Police से यौन उत्पीड़न का केस दर्ज करवाया! यह कानून का चौंकाने वाला दुरुपयोग है. हम निश्चित रूप से इन बेबुनियाद मामलों का अदालत में सामना करेंगे.”

केटीआर ने आगे कहा, “लेकिन मैं तेलंगाना के डीजीपी से पूछना चाहता हूं. हैदराबाद में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के दौरान मिस इंग्लैंड के साथ दुर्व्यवहार करने वाले कांग्रेस नेताओं पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों का क्या हुआ? क्या तेलंगाना Police आरोपियों को बचाती रहेगी? क्या आपके पास कोई जवाब है, मिस्टर राहुल गांधी?”

इसके पहले केटीआर आरोप लगाया था कि तेलंगाना की कांग्रेस Government ने राज्य में एक करोड़ से अधिक एकड़ जमीन को धारा 22ए के तहत प्रतिबंधित भूमि सूची में शामिल कर दिया है.

केटीआर ने बीआरएस मुख्यालय तेलंगाना भवन में धारा 22ए से प्रभावित भूमि मालिकों से मुलाकात के दौरान यह आरोप लगाया था. केटीआर ने दावा किया कि बीआरएस Government के कार्यकाल में केवल 16 लाख एकड़ जमीन ही प्रतिबंधित सूची में थी, लेकिन नई Government के सत्ता में आने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 16 लाख एकड़ हो गया.

बीआरएस पहले भी राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी को हटाने की मांग कर चुकी है. पार्टी का आरोप है कि Government ने निजी संपत्तियों को मनमाने ढंग से धारा 22ए के तहत फ्रीज कर दिया है. यह धारा राज्य Government को कुछ विशेष भूमि और संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण पर रोक लगाने का अधिकार देती है.

मुख्य विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि राजस्व और पंजीकरण तंत्र का दुरुपयोग करते हुए निजी संपत्तियों को मनमाने तरीके से धारा 22ए के तहत शामिल किया जा रहा है. बीआरएस नेताओं का कहना है कि धारा 22ए का उद्देश्य केवल कानूनी रूप से प्रतिबंधित संपत्तियों के पंजीकरण पर रोक लगाना है, न कि वैध निजी संपत्तियों पर कृत्रिम स्वामित्व विवाद खड़े करना या नागरिकों के वैध लेन-देन को रोकना.

केटीआर ने दावा किया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए प्रभावित लोगों ने उन्हें बताया कि बीआरएस Government के दौरान उनकी जमीनों को लेकर कोई समस्या नहीं थी, लेकिन कांग्रेस Government बनने के बाद उनकी जमीनों पर अतिक्रमण शुरू हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि Chief Minister की कथित अनियमितताओं का खुलासा होने वाला था, इसलिए बीआरएस विधायकों को विधानसभा से निलंबित किया गया.

ओपी/एएस

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