
हैदराबाद, 2 सितंबर . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने Chief Minister रेवंत रेड्डी और सत्ताधारी कांग्रेस Government पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने Government के 1,000 दिन पूरे होने पर एक विस्तृत सार्वजनिक चार्जशीट जारी की.
Government पर पूरी तरह से धोखा देने का आरोप लगाते हुए केटीआर ने कहा कि प्रशासन ने 100 दिनों के भीतर राज्य को स्वर्ग बनाने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय राज्य को रोजमर्रा की जिंदगी में नर्क जैसी स्थिति में धकेल दिया.
केटीआर ने बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं (राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी) के साथ-साथ डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्का (जिन्होंने बॉन्ड पेपर पर हलफनामा भी साइन किया था) ने 100 दिनों के भीतर सभी वादों को पूरा करने की गारंटी दी थी. उन्होंने दावा किया कि 1,000 से ज्यादा दिन बीत जाने के बाद भी, एक भी गारंटी पूरी तरह से लागू नहीं की गई है.
Chief Minister और उनके मंत्रियों के बीच मतभेद की वजह पूरी तरह से कमीशन के बंटवारे, टेंडर और भ्रष्टाचार को बताते हुए केटीआर ने सत्ताधारी Government की तुलना ‘अली बाबा और 40 चोर’ की कहानी से की. उन्होंने कहा कि उनके बीच झगड़े की एकमात्र वजह लूटे गए Governmentी धन का बंटवारा है.
केटीआर ने Government पर आरोप लगाया कि वह सेक्शन 22-ए और प्रतिबंधित प्रॉपर्टी की लिस्ट की आड़ में 30 प्रतिशत कमीशन का रैकेट चला रही है, और 1.20 करोड़ एकड़ में फैली प्राइवेट और Governmentी जमीनों में हेर-फेर किया जा रहा है.
Government के खिलाफ जोरदार अभियान का ऐलान करते हुए केटीआर ने सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों में 7 दिन के सघन जन-संपर्क कार्यक्रम की घोषणा की, जिसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ खास सत्र और विरोध प्रदर्शन शामिल होंगे.
7 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले Government को चेतावनी देते हुए केटीआर ने कहा कि विपक्ष अधूरे वादों, आर्थिक कुप्रबंधन, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शहरी सुरक्षा में चूक (जैसे मिलिट्री कैंटोनमेंट इलाके के पास हाल की घटनाएं) के मुद्दों पर प्रशासन को जोरदार तरीके से घेरेगा.
अपनी बात खत्म करते हुए बीआरएस नेता ने कहा कि जब उनकी पार्टी 2028-29 में सत्ता में लौटेगी, तो पिछले 1,000 दिनों में हड़पे गए जनता के पैसे के एक-एक रुपए की पूरी जांच की जाएगी और उसे वापस वसूला जाएगा.
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एमएस/