
सोल, 3 सितंबर . उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन Wednesday को शिक्षकों के सम्मेलन में शामिल हुए. शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी भूमिका अगली पीढ़ी के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने शिक्षकों को देश के भविष्य को तैयार करने की पहली पंक्ति में खड़े ‘देशभक्त’ बताया.
योनहाप ने उत्तर कोरिया की न्यूज एजेंसी केसीएनए के हवाले से बताया कि उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में 15वें राष्ट्रीय शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया है. किम जोंग-उन ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया. उत्तर कोरिया में शिक्षक सम्मेलन फरवरी 2019 के बाद पहली बार आयोजित हुआ.
किम ने कहा कि शिक्षा ऐसी सबसे महत्वपूर्ण Governmentी जिम्मेदारी है, जिसे किसी भी अन्य क्षेत्र के काम से पीछे नहीं रहना चाहिए. उन्होंने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को समाज में अधिक सम्मान दिए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर कोरिया की शिक्षा व्यवस्था, पाठ्यक्रम और शैक्षणिक वातावरण में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. किम ने इन बदलावों को शिक्षा के क्षेत्र में एक तरह की ‘क्रांति’ करार दिया.
सम्मेलन में उत्तर कोरिया के Prime Minister पाक थाए-सोंग ने पिछले सात वर्षों के दौरान शिक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति और कमियों की समीक्षा की. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में मौजूद खामियों को दूर करने और शहरी तथा ग्रामीण इलाकों के बीच शिक्षा के अंतर को कम करने पर जोर दिया.
यह लक्ष्य फरवरी में सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की नौवीं कांग्रेस में भी प्रमुखता से सामने आया था.
उत्तर कोरिया के Governmentी अखबार रोडोंग सिनमुन के अनुसार, पिछले शिक्षक सम्मेलन के बाद से देश में करीब 4,320 स्कूलों और किंडरगार्टनों का पुनर्निर्माण या निर्माण किया गया है.
इसके अलावा, किम इल-सुंग विश्वविद्यालय समेत प्रमुख विश्वविद्यालयों में क्रेडिट आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू की गई है. शिक्षा प्रबंधन को एकीकृत करने के लिए डिजिटल एवं प्रबंधन प्रणालियों से जुड़े सुधार भी किए जा रहे हैं.
किम जोंग-उन ने जापान में रह रहे कोरियाई समुदाय के संगठन चोंग्र्योन के सदस्यों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि विदेश में रहते हुए इस समुदाय ने युवाओं को राष्ट्रीय शिक्षा उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई है.
किम का शिक्षा पर जोर ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया अपनी युवा पीढ़ी को राज्य की विचारधारा और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ने पर लगातार जोर देता रहा है.
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केआर/