कावेरी जल विवाद: 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के आदेश के खिलाफ Supreme Court जाएगी कर्नाटक सरकार

Bengaluru, 9 सितंबर . कर्नाटक Government ने कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के उस आदेश को Supreme Court में चुनौती देने का फैसला किया है, जिसमें राज्य को तमिलनाडु के लिए प्रतिदिन 6,000 क्यूसेक कावेरी जल छोड़ने का निर्देश दिया गया है.

राज्य के जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने Wednesday को विधान सौधा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस मुद्दे पर Chief Minister डी.के. शिवकुमार के साथ विस्तार से चर्चा हुई है. कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद Thursday को Supreme Court में याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है.

मंत्री ने बताया कि कर्नाटक Government ने सीडब्ल्यूआरसी के आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दाखिल करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं.

उन्होंने कहा, “सीडब्ल्यूएमए ने भी सीडब्ल्यूआरसी के आदेश को बरकरार रखा है, लेकिन हमारे जलाशयों की स्थिति बेहद गंभीर है. हमारे पास पानी छोड़ने के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं है. फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता पेयजल उपलब्ध कराना है. साथ ही सूख चुके तालाबों और झीलों को भी भरने की जरूरत है.”

चेलुवरायस्वामी ने कहा कि गौरी-गणेश उत्सव के एक सप्ताह के भीतर अच्छी बारिश होने पर ही जल संकट की स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा सकती है.

उन्होंने स्पष्ट कहा, “कर्नाटक किसी भी परिस्थिति में सीडब्ल्यूआरसी के आदेश का समर्थन नहीं करेगा. पहले 100 टीएमसी पानी छोड़ा गया था, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 30 टीएमसी पानी छोड़ा गया है. इसके बावजूद तमिलनाडु Government लगातार कर्नाटक पर दबाव बना रही है.”

मंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व Chief Minister बसवराज बोम्मई के सुझाव पर कावेरी मामले में Supreme Court में राज्य की ओर से पैरवी के लिए विशेष अधिवक्ता नियुक्त करने के प्रस्ताव पर Government गंभीरता से विचार करेगी. इस संबंध में बोम्मई से भी चर्चा की जाएगी.

डीएससी

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