कांशीराम की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Lucknow, 9 अक्टूबर . बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर Chief Minister योगी आदित्यनाथ समेत उत्तर प्रदेश के कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. सीएम योगी ने कहा कि कांशीराम का संघर्ष हमें समान अवसर, सम्मान और अधिकारों से युक्त समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है.

Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सामाजिक न्याय, समानता और वंचित समाज के अधिकारों को सशक्त स्वर देने वाले मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि. सामाजिक भागीदारी और वंचित वर्गों के सशक्तीकरण के लिए उनका संघर्ष हमें समान अवसर, सम्मान व अधिकारों से युक्त समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है.”

उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, “सामाजिक न्याय के प्रखर स्वर, शोषितों और वंचितों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्षरत बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के उपेक्षित वर्गों को अधिकार, सम्मान और समान अवसर दिलाने के लिए समर्पित कर दिया. सामाजिक समरसता और समानता के लिए उनके प्रयास सदैव स्मरणीय रहेंगे.”

उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पोस्ट किया, “सड़क से संसद तक वंचितों का हक बुलंद करने वाले सामाजिक न्याय के महानायक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि.”

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने भी कांशीराम की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया और श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, “मान्यवर साहब ने सामाजिक परिवर्तन और Political सशक्तिकरण का जो ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया, वह आज भी करोड़ों शोषितों, वंचितों और उपेक्षितों के संघर्ष, स्वाभिमान व अधिकारों की लड़ाई को दिशा दे रहा है. उनके विचार, संघर्ष और मिशन सदैव हम सभी को प्रेरित करते रहेंगे.”

BJP MP संजय सेठ ने भी कांशीराम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. वहीं, भाजपा विधायक अदिति सिंह ने कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “उन्होंने जन-जागरूकता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से समाज के उपेक्षित वर्गों को नई पहचान व नेतृत्व प्रदान किया. सामाजिक न्याय की दिशा में उनका योगदान भारतीय राजनीति में सदैव प्रासंगिक रहेगा.”

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डीसीएच/

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