कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, जेएनयू से बर्खास्तगी पर अंतरिम रोक

New Delhi, 2 नवंबर . दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोचमा बिमोल अकोइजाम को बड़ी राहत देते हुए उनकी बर्खास्तगी के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है. अदालत के इस फैसले के बाद मामले में अंतिम निर्णय आने तक उन्हें अस्थायी राहत मिल गई है.
अकोइजाम को जेएनयू प्रशासन ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया था. विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर कुलपति ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी का आदेश जारी किया था. हालांकि, अकोइजाम ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया और पूरे मामले को अपने खिलाफ साजिश बताया था.
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा बर्खास्तगी पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बीच कांग्रेस सांसद और पूर्व जेएनयू प्रोफेसर अंगोचमा बिमोल अकोइजाम ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. उनकी इस याचिका पर 3 नवंबर को सुनवाई होने की संभावना है.
गौरतलब है कि अकोइजाम पर जेएनयू में प्रोफेसर रहते हुए 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. इन शिकायतों के आधार पर दिल्ली Police ने उनके खिलाफ First Information Report दर्ज की है और मामले की जांच जारी है.
इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली Police के समन पर अकोइजाम जांच में शामिल होने के लिए वसंत कुंज नॉर्थ थाने पहुंचे थे. उस दौरान उन्होंने कहा था कि वह जांच में पूरा सहयोग करने आए हैं और नहीं चाहते कि उनकी अनुपस्थिति को जांच से बचने की कोशिश के रूप में देखा जाए.
अकोइजाम ने पूरे मामले को शुरुआत से ही “Political मामला” बताया था. उन्होंने कहा था कि उन्हें सच की जीत पर भरोसा है और कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने जेएनयू प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की तुलना “खाप पंचायत” जैसी कार्यवाही से भी की थी.
मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने भी Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर कांग्रेस सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रुपकुमारी चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आरोपों की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करने की मांग की थी.
फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत के बावजूद अकोइजाम के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की जांच जारी है जबकि उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
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एएमटी/पीएम


