कांग्रेस वोट बैंक के लिए वंदे मातरम का विरोध कर रही: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह

New Delhi, 21 सितंबर . भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कर्नाटक विधानसभा में ‘वंदे मातरम’ को लेकर हुए विवाद, उत्तर प्रदेश की राजनीति, दिल्ली में एसआईआर के तहत लोगों को जारी नोटिस, Supreme Court में ममता बनर्जी की याचिका, टीपू सुल्तान की तस्वीर विवाद पंजाब के नशे के संकट, राहुल गांधी के कार्यक्रम में Prime Minister Narendra Modi की मिमिक्री समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर Political तुष्टिकरण और लोकतांत्रिक संस्थाओं के मुद्दों पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया.

कर्नाटक विधानसभा में Monday को ‘वंदे मातरम’ के दो अंतरों के बाद आधिकारिक प्रस्तुति रोक दिए जाने के बाद भाजपा विधायकों ने शेष गीत स्वयं गाया. इस पर आरपी सिंह ने कहा कि भाजपा विधायकों ने पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया, जबकि कांग्रेस विधायक दो अंतरों के बाद आगे नहीं बढ़े. वोट बैंक की राजनीति के कारण कांग्रेस ऐसा कर रही है. देश का मुस्लिम समाज भी जरूरी नहीं कि ‘वंदे मातरम’ के विरोध में हो, लेकिन कांग्रेस कथित तौर पर मुस्लिम मतदाताओं को खुश करने की राजनीति कर रही है.

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा अखिलेश यादव की सक्रियता को लेकर की गई टिप्पणी पर आरपी सिंह ने कहा कि यह दोनों दलों का आपसी मामला है. हालांकि उन्होंने दावा किया कि जिन दलों के साथ कांग्रेस ने गठबंधन किया, उनकी चुनावी स्थिति कमजोर हुई. हाल के उपचुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले Samajwadi Party से सीटों की मांग करती रही और अब इसी तरह के बयान सामने आ रहे हैं. प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है, इसलिए इस तरह की बयानबाजी की जा रही है.

दिल्ली में एसआईआर के तहत मतदाताओं को जारी नोटिस पर आरपी सिंह ने कहा कि उनके बेटे को भी नोटिस मिला है. उन्होंने बताया कि उनके अपने नाम का प्रचलित रूप ‘आरपी सिंह’ है, जबकि उनके बेटे ने दस्तावेजों में उनका पूरा नाम दर्ज किया है, जिसके कारण विसंगति सामने आई. यदि दस्तावेज मांगे गए हैं तो वे उपलब्ध कराए जाएंगे और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है और इससे चुनावी प्रक्रिया तथा लोकतंत्र को लाभ होना चाहिए. दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता, अरविंद केजरीवाल, लालकृष्ण आडवाणी और एस जयशंकर समेत कई प्रमुख लोगों को भी एसआईआर संबंधी नोटिस मिलने की रिपोर्ट सामने आई है.

टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी की याचिका पर Supreme Court द्वारा तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर आरपी सिंह ने कहा कि अदालत का जो भी फैसला होगा, वह सभी को स्वीकार्य होगा. चुनाव आयोग ने दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विवाद के बाद पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर अंतरिम व्यवस्था की है.

मालेगांव नगर निगम में टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने के विवाद पर आरपी सिंह ने कहा कि वह टीपू सुल्तान को आक्रांता मानते हैं. उन्होंने तस्वीर हटाने के फैसले का स्वागत किया और आरोप लगाया कि टीपू सुल्तान के शासनकाल में मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया तथा जबरन धर्मांतरण हुए.

पूर्व उपPresident हामिद अंसारी की हालिया टिप्पणी पर आरपी सिंह ने कहा कि सनातन परंपरा समावेशी है. उन्होंने कांग्रेस पर अंसारी के समर्थन का आरोप लगाते हुए पार्टी की विचारधारा पर सवाल उठाए. अंसारी की टिप्पणी को लेकर भाजपा और अन्य Political नेताओं की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.

बाबा रामदेव के आरक्षण संबंधी बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि India में आरक्षण की व्यवस्था है और यह फिलहाल जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि बच्चों को आरक्षण से दूर रखने की बात व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि शिक्षा और Governmentी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान लागू है. रामदेव की राय अपनी जगह हो सकती है, लेकिन आरक्षण देश में मौजूद व्यवस्था है.

पंजाब के पूर्व Chief Minister चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा राज्य में नशे की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य Government पर सवाल उठाए जाने पर आरपी सिंह ने कहा कि पहले कांग्रेस की Government और अब आम आदमी पार्टी की Government राज्य में रही है. नशे की समस्या पर मुख्य जिम्मेदारी राज्य Government की है.

पंजाब में भाजपा की 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं. आरपी सिंह ने Chief Minister भगवंत मान के पुराने वादों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई. स्थिति इतनी गंभीर है कि नशे की होम डिलीवरी तक की शिकायतें सामने आ रही हैं.

राहुल गांधी के कार्यक्रम में Prime Minister मोदी की मिमिक्री किए जाने पर आरपी सिंह ने कहा कि कार्यक्रम छात्रों से जुड़ा था, लेकिन उसमें छात्र मुद्दों के बजाय Prime Minister की मिमिक्री पर ध्यान दिया गया. उन्होंने Prime Minister की मां से जुड़े कथित मजाक को भी निंदनीय बताया. आरपी सिंह ने इसे कांग्रेस का दिमागी दिवालियापन बताते हुए कहा कि कांग्रेस बार-बार ‘वोट चोरी’ की बात करती है, जबकि उनके अनुसार समस्या कांग्रेस की Political सोच में है.

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पीएसके

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