कांग्रेस ने भारत की पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि पर सवाल उठाए

New Delhi, 31 अगस्त . कांग्रेस पार्टी ने मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के मद्देनजर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में India की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि पर सवाल उठाया है. कांग्रेस ने इसे अर्थव्यवस्था की ‘अत्यंत विकृत तस्वीर’ और ‘समय से पहले की खुशी’ बताया है.

Monday को social media पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने देश की अर्थव्यवस्था की निराशाजनक तस्वीर पेश करते हुए इस वृद्धि पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि तिमाही जीडीपी के आंकड़े, जिस तरह से रिपोर्ट किए गए हैं, अर्थव्यवस्था की एक अत्यंत विकृत तस्वीर पेश करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि ये आंकड़े घरेलू और विदेशी दोनों ही क्षेत्रों में निजी निवेश की बेहद कमजोर भावना को नहीं दर्शाते हैं.

कांग्रेस के संचार मामलों के महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि उपभोक्ता विश्वास ‘बेहद सुस्त’ है. रमेश ने आरोप लगाया कि यह कोविड महामारी के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है और नवंबर 2025 से लगातार नीचे की ओर जा रहा है.

राज्यसभा सांसद के अनुसार, घरेलू आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, और उन्होंने कहा कि India के शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी ‘चिंताजनक स्तर’ पर है.

उन्होंने आगे कहा कि चीन के साथ लगातार बढ़ता व्यापार घाटा तबाही मचा रहा है. Prime Minister द्वारा जानबूझकर प्रोत्साहित किए गए कुछ बड़े समूहों द्वारा प्रमुख क्षेत्रों पर कब्जा करना हानिकारक प्रभाव डाल रहा है.

उन्होंने यह भी दावा किया कि India के पांच सबसे धनी परिवारों की संपत्ति में 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि वेतनभोगी कर्मचारियों के वास्तविक वेतन में गिरावट आई है. जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि घरेलू बचत दरें घटी हैं और कर्ज रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है.

उन्होंने कहा कि यह Prime Minister द्वारा समय से पहले ही जश्न मनाने का मामला है.

उनकी यह प्रतिक्रिया अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़ों के जारी होने के बाद आई है, जो भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमानित 7 प्रतिशत से अधिक हैं. यह पश्चिम एशिया संकट, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और अन्य आर्थिक प्रभावों के बीच हुआ है.

एमएस/

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