
New Delhi, 19 सितंबर . केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा कांग्रेस को भस्मासुर कहे जाने पर सियासत तेज हो गई है. पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं.
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने से कहा, “आज के समय में कांग्रेस से कोई पार्टी गठबंधन नहीं करना चाहती है. जिसने भी कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, वह बर्बाद हो गया. राहुल गांधी देश के सबसे बड़े ‘पनौती’ नेता हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव का हाथ पकड़ कर वोट चोरी की यात्रा कर रहे थे. राहुल गांधी ने तेजस्वी का हाथ छुआ तो तेजस्वी का जनता ने साथ छोड़ दिया. इसी तरह शिवसेना (उद्धव ठाकरे) भी कांग्रेस के साथ आते ही समाप्त हो गई. राहुल गांधी ने अखिलेश यादव का हाथ थामा तो विधानसभा में उनकी भी दुर्गति हो गई. हाल ही में स्टालिन को भी कांग्रेस की पनौती लग गई.”
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “कांग्रेस के 6 दशक के शासन में कई राज्यों में उनकी Governmentें बनीं. कई बार पर्याप्त बहुमत नहीं मिला तो साथी दलों को तोड़ा और विरोधी दल में सेंधमारी की. दलबदल विधेयक के पहले तो हालात बहुत ही बुरे थे, कांग्रेस के कोप का शिकार कोई भी दल हो सकता था. संशाधनों का दुरुपयोग करने में कांग्रेस को महारथ हासिल है.”
भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा, “भाजपा को कांग्रेस को खत्म करने की जरूरत नहीं है. भाजपा सकारात्मक राजनीति करते-करते 1952 लेकर आज तक विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है. लगातार तीसरी बार Narendra Modi के नेतृत्व में भाजपा की Government बनी है. सभी को पता है कि कांग्रेस के कई टुकड़े हुए हैं, इसके लिए भाजपा जिम्मेदार नहीं है. राहुल गांधी को अपनी पार्टी के इतिहास के बारे में पता होना चाहिए.”
वहीं, Union Minister किरेन रिजिजू के बयान पर Samajwadi Party के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने तंज कसते हुए कहा, “मुझे लगता है इससे ज्यादा स्पष्ट कुछ नहीं हो सकता. किरेन रिजिजू एक बहुत ही अनुभवी नेता हैं. उन्हें यह बताना चाहिए कि तमिलनाडु में एआईएडीएमके, पंजाब में अकाली दल, Maharashtra में शिवसेना और बिहार में जेडीयू कैसे खत्म हुई ? भाजपा ने इन दलों के सहारे अपनी Political रोटियां सेंकी. कौन भस्मासुर है, यह भारतीय जनता पार्टी और उसका इतिहास बताता है.”
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ओपी/एएस