
New Delhi, 8 अक्टूबर . चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा सांसदों को कनॉट प्लेस में लंच पर बुलाने और राहुल गांधी के नेतृत्व में राजघाट तक मार्च निकालने के आह्वान को भाजपा ने Political ड्रामा करार दिया है.
पूर्व Union Minister मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा, “इनकी जो स्ट्रीट फसाद से स्ट्रीट फाइटर बनने की सनक है, वह फटाफट गड़बड़ी और खटाखट हड़बड़ी के रूप में दिख रही है. यह प्रतिस्पर्धा इन्हें कोई फायदा नहीं पहुंचाएगी बल्कि इनका बंटाधार करेगी. जब अक्ल में लठ हो और अकड़ में लंपट जैसी बातें हों, तो ऐसा ही व्यवहार देखने को मिलता है.”
नकवी ने कहा, “हम सब आंदोलन से निकले हुए लोग हैं. लोकतंत्र में आंदोलन लोकतंत्र का ही हिस्सा है. जनतांत्रिक मूल्यों, मर्यादाओं और संवैधानिक मूल्यों के लिए विरोध बहुत जरूरी होता है. अगर सत्ता की सनक में आप पूरी संवैधानिक व्यवस्था और संस्थाओं को ही बंधक बनाने लगेंगे, तो यह स्वीकार्य नहीं है.”
कांग्रेस के कार्यक्रम पर चुटकी लेते हुए नकवी ने कहा, “पहले स्टेज शो चल रहा था, अब स्ट्रीट शो शुरू हो गया है. यह सब फटाफट हड़बड़ी में खटाखट गड़बड़ी ही है. पहले लंच कराओ और फिर कहो कि सड़क पर जाकर झगड़ा करो. किसी अच्छे आंदोलनकारी ट्रेनर से ट्रेनिंग लेकर आंदोलन करते तो ऐसी गड़बड़ियां नहीं दिखतीं.”
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “बिहार में एसआईआर को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने स्पष्ट कहा है कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है. आप संवैधानिक प्रक्रिया और संविधान के विरुद्ध जा रहे हैं. लोगों के बीच इसका कोई मुद्दा ही नहीं है. आप काम करते नहीं हैं.”
गुरु प्रकाश ने कहा कि पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और उन राज्यों में कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्षों को बदल दिया है. उन्होंने कहा, “अब ये सब विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. फिर चुनाव हारेंगे तो चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने लगेंगे. यह हार से पहले ही बहाना ढूंढने की रणनीति है.”
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