
Bengaluru, 13 अक्टूबर . कर्नाटक से बीजेपी सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने Tuesday को आरोप लगाया कि कांग्रेस और Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पास मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर स्पष्ट समझ नहीं है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रम पैदा कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं को उनका काम करने से रोकने की कोशिश कर रही है.
मल्लेश्वरम स्थित बीजेपी राज्य मुख्यालय जगन्नाथ भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए पुजारी ने कहा कि कांग्रेस नेता एक तरफ न्यायपालिका पर सवाल उठाते हैं और दूसरी तरफ इसी मुद्दे पर Supreme Court का रुख करते हैं.
उन्होंने कहा कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि Supreme Court और उसके न्यायाधीश बीजेपी के प्रवक्ताओं की तरह काम कर रहे हैं. वहीं, केरल कांग्रेस ने भी Supreme Court के न्यायाधीशों की आलोचना की है.
पुजारी ने कहा, “एक तरफ वे न्यायपालिका के खिलाफ बयान देते हैं और दूसरी तरफ एसआईआर मामले में Supreme Court जाने की बात करते हैं. यह उनकी भ्रमित मानसिकता को दर्शाता है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान की रक्षा की बात तो करती है, लेकिन उसके बयान न्यायालय की अवमानना और Supreme Court की छवि खराब करने वाले हैं. कांग्रेस बिना वजह केंद्र Government को दोष दे रही है और उसके कामकाज में बाधा डाल रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल रही है और उसे जनता को गुमराह करने वाले बयान देने की बजाय आत्ममंथन करना चाहिए.
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए बढ़ाए गए आरक्षण को रद्द करने के कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर पुजारी ने राज्य Government से Supreme Court में अपील करने और मजबूती से अपना पक्ष रखने की मांग की.
उन्होंने कहा कि पूर्व Chief Minister बसवराज बोम्मई के कार्यकाल में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति नागमोहन दास की रिपोर्ट के आधार पर एससी और एसटी की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए आरक्षण बढ़ाया गया था. यदि Supreme Court में सही तरीके से दलील पेश की जाएं, तो बढ़े हुए आरक्षण को बरकरार रखा जा सकता है. राज्य की कांग्रेस Government को इस दिशा में काम करना चाहिए.
कर्नाटक के नए Governor की नियुक्ति पर टिप्पणी करते हुए पुजारी ने इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि नई Governor एक अनुभवी व्यक्ति हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है.
उन्होंने कहा कि Governor पद पर एक महिला की नियुक्ति स्वागतयोग्य है और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव कर्नाटक के लिए लाभकारी साबित होगा तथा राज्य में लोकतंत्र को मजबूत करेगा.
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एएमटी/एबीएम