कांग्रेस का सरकार पर निशाना, आराधना बोलीं- जिसने यूपी का किया यह हाल, उसे और क्यों दें पांच साल

Lucknow, 4 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ अपराध की हालिया घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने Government पर निशाना साधा. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने Sunday को कहा कि इस Government में उत्तर प्रदेश बेटियों के लिए असुरक्षित होता जा रहा है. उन्होंने पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सामने आई दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म और नाबालिगों के उत्पीड़न की घटनाओं का हवाला देते हुए Government की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए.

आराधना मिश्रा ने कहा, “घर से स्कूल निकली बेटियां लौटकर घर नहीं आती हैं, दुष्कर्म का शिकार हो जाती हैं और फिर मौत के घाट उतार दी जाती हैं. अगर बच गईं तो गर्भवती हो जाती हैं और प्रसव पीड़ा से नाबालिग और उसके बच्चे की मौत हो जाती है.” उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में Government की विफलता की ऐसी दर्दनाक घटनाएं पूरे प्रदेश में सामने आई हैं.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब प्रदेश की जनता पूछ रही है कि जिसने उत्तर प्रदेश का यह हाल किया, उसे और पांच साल क्यों दिए जाएं. एक सप्ताह की घटनाओं का हवाला कांग्रेस ने बुलंदशहर में 16 वर्षीय छात्रा के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के आरोप, बस्ती में 15 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप और नाबालिग को गन्ने के खेत में ले जाकर दुष्कर्म की घटना का हवाला दिया. पार्टी ने बांदा में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, सोनभद्र में 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की प्रसव के दौरान मौत, कौशांबी में किशोरी से दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने, ललितपुर में पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म तथा मुजफ्फरनगर में 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपों को भी कानून-व्यवस्था के मुद्दे से जोड़ा.

इसके अलावा, कांग्रेस ने गोरखपुर में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म, मेरठ में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने की धमकी, प्रयागराज में 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म तथा Lucknow के निगोहां क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के आरोपों का भी उल्लेख किया.

आराधना मिश्रा ने कहा कि सवाल केवल अलग-अलग घटनाओं का नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था का है. उन्होंने उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक वर्ष में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 66,381 मामले दर्ज हुए, यानी औसतन करीब 182 मामले प्रतिदिन. उन्होंने कहा कि इसी अवधि में दुष्कर्म के 3,516 मामले दर्ज हुए, जो प्रतिदिन औसतन करीब 9.6 मामले हैं. हत्या के 3,206 मामले दर्ज हुए, यानी प्रतिदिन करीब 8.8 हत्याएं. कांग्रेस के मुताबिक, एसिड अटैक के 31 मामले भी दर्ज हुए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने 30 सितंबर को Supreme Court की एक पीठ की ओर से उत्तर प्रदेश Police की कार्यशैली पर की गई टिप्पणी का भी हवाला दिया.

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत की कड़ी टिप्पणी के बावजूद प्रदेश Government की कार्यशैली में कोई प्रभावी बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है. आराधना मिश्रा ने Government से सवाल किया कि जब स्कूल से घर लौटने वाली बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं, पांच और दस साल की बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं और नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, तो Government हाथ पर हाथ रखकर क्यों बैठी है.

उन्होंने कहा कि जो सत्ता बेटियों को सुरक्षित स्कूल, सड़क और घर नहीं दे सकती, उसे जनता जवाब देगी. उन्होंने कहा कि बेटियां डर के माहौल में नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा के साथ जीना चाहती हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ‘बेटी बचाओ’ केवल नारा नहीं होना चाहिए, बल्कि Government की प्राथमिकता और जमीन पर दिखाई देने वाली सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए.

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विकेटी/डीकेपी

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