
श्रीनगर, 9 सितंबर . जम्मू-कश्मीर के पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में देश और विदेश से सिनेमा जगत की कई जानी-मानी हस्तियां पहुंचीं. स्पेन की मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर एना सौरा रेमन ने जहां कश्मीर की खूबसूरती और यहां फिल्म शूटिंग की संभावनाओं की जमकर तारीफ की, वहीं Bollywood के जाने-माने डायरेक्टर रमेश सिप्पी और एक्ट्रेस किरण जुनेजा ने सिनेमा के जादू पर अपने विचार साझा किए.
फेस्टिवल में इन सितारों की मौजूदगी ने सिनेमा को लेकर स्थानीय कलाकारों और छात्रों के उत्साह को भी बढ़ाया.
कश्मीर में अपने पहले अनुभव के बारे में बात करते हुए एना ने कहा, ”मैं 8 सितंबर को ही यहां पहुंची हूं, इसलिए मुझे यहां ज्यादा समय बिताने का मौका नहीं मिला है. लेकिन, मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा है. मैं फेस्टिवल की पूरी ऑर्गनाइजेशन और इसमें शामिल सभी लोगों से बहुत प्रभावित हूं. यहां जिस तरह से लोगों को इनवाइट किया गया है और पूरा आयोजन किया गया है, वह शानदार है.”
उन्होंने आगे कहा, ”यह फेस्टिवल का पहला एडिशन है, इसलिए मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह इतना बड़ा होगा. आमतौर पर किसी फेस्टिवल का पहला एडिशन इतना बड़ा नहीं होता. इसलिए मैं यहां आकर बहुत खुश हूं और पूरी फेस्टिवल टीम को बधाई देना चाहती हूं.”
कश्मीर की खूबसूरती और इसे इंटरनेशनल फिल्ममेकर्स के लिए शूटिंग लोकेशन के तौर पर प्रमोट करने की संभावना पर एना ने कहा कि फिल्म फेस्टिवल का एक अहम मकसद अलग-अलग जगहों को फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के सामने लाना भी होना चाहिए. उन्होंने कहा, ”जब आप कोई फिल्म फेस्टिवल करते हैं तो उसका एक फोकस यह होना चाहिए कि देशों और शहरों को फिल्ममेकर्स और प्रोड्यूसर्स के लिए खोला जाए. लोगों को इन जगहों के बारे में पता चले और यहां फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा काम शुरू हो. यहां के लैंडस्केप बहुत खूबसूरत हैं. पहाड़, झील और यहां की रोशनी सब कुछ फिल्म शूट करने के लिए बहुत सही है. इसलिए मुझे लगता है कि यह शूटिंग के लिए एक शानदार जगह हो सकती है. फेस्टिवल का एक मकसद लोगों को यहां लाना और उन्हें इस जगह से रूबरू कराना भी होना चाहिए.”
एना ने आगे कहा, ”मैं आज यहां हूं, इसलिए अब मैं कश्मीर को जानती हूं. जब भी मैं किसी पहाड़ के बारे में सोचूंगी, तो शायद मेरे दिमाग में कश्मीर की तस्वीर आएगी. और हो सकता है कि मैं भविष्य में यहां शूटिंग करने के बारे में सोचूं.”
फेस्टिवल से कश्मीर के स्थानीय कलाकारों और फिल्म से जुड़े छात्रों को मिलने वाले अवसरों पर भी एना ने जोर दिया. उन्होंने कहा, ”ऐसे आयोजन स्थानीय युवाओं को सिनेमा के अलग-अलग क्षेत्रों के बारे में सीखने और इस इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. लोकल आर्टिस्ट्स के लिए यह बहुत अच्छा अवसर है. सिनेमा के बारे में सीखना और लोगों को यह समझाना बहुत जरूरी है कि फिल्म कैसे बनती है. छात्रों को सिनेमा, डीओपी, एक्टिंग, डायरेक्शन और प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.”
एना ने कहा, ”अगर आपके पास अच्छे क्रू, अच्छी क्वालिटी और सिनेमा से जुड़े अच्छे लोग हैं, तो मुझे यकीन है कि लोग यहां शूटिंग करने आएंगे. मैंने India में शूट किया है और मैं जानती हूं कि यहां अच्छे और टैलेंटेड लोग मौजूद हैं. कश्मीर में सिनेमा से जुड़ी एकेडमी और यूनिवर्सिटीज को बढ़ावा देने की जरूरत है. युवाओं को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि सिनेमा में पढ़ाई करने के बाद वे एक अच्छा करियर बना सकते हैं. जब स्थानीय स्तर पर सिनेमा का माहौल तैयार होगा और युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं नजर आएंगी, तो बाहर के फिल्ममेकर्स भी खुद यहां आने के लिए आकर्षित होंगे.”
वहीं, Bollywood के जाने-माने डायरेक्टर रमेश सिप्पी और एक्ट्रेस किरण जुनेजा ने भी फेस्टिवल के दौरान सिनेमा की अहमियत पर अपने विचार साझा किए. दोनों ने फिल्मों को एक ऐसा अनुभव बताया, जो लोगों को नई कहानियों, विचारों और भावनाओं से जोड़ता है.
रमेश सिप्पी ने दर्शकों को ज्यादा से ज्यादा फिल्में देखने और अच्छी कहानी से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया. किरण जुनेजा ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति फिल्म बनाए, लेकिन हर कोई फिल्म देख सकता है, उसे महसूस कर सकता है और उसकी खूबसूरती की तारीफ कर सकता है.
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पीके/एबीएम