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Tuesday, 20 October 2026
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कर्नाटक में एसआईआर के खिलाफ किसान-दलित संगठनों का बिगुल, 23 अक्टूबर को राज्यव्यापी प्रदर्शन

कर्नाटक में एसआईआर के खिलाफ किसान दलित संगठनों का बिगुल, 23 अक्टूबर को राज्यव्यापी प्रदर्शन

कर्नाटक में एसआईआर के खिलाफ किसान-दलित संगठनों का बिगुल, 23 अक्टूबर को राज्यव्यापी प्रदर्शन

Bengaluru, 19 अक्टूबर . कर्नाटक में किसान और दलित संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण
(एसआईआर) के खिलाफ 23 अक्टूबर को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. उन्होंने प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए जिला मुख्यालयों पर जनसभाएं आयोजित करने की योजना की घोषणा की है.

संगठनों ने Bengaluru में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा करते हुए एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ अभियान का समर्थन किया और New Delhi के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों की तर्ज पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया.

Actor और कार्यकर्ता प्रकाश राज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि किसान और दलित संगठन एसआईआर के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल होंगे और 23 अक्टूबर, Friday को कर्नाटक भर में रैलियां आयोजित की जाएंगी.

उन्होंने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा करते हुए कहा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शनकारियों के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है और राष्ट्रीय राजधानी को एक Police शहर में बदला जा रहा है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनों के दौरान युवाओं और महिला पत्रकारों को Police की बर्बरता का सामना करना पड़ा और Government पर युवा प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के बावजूद चुप्पी साधने का आरोप लगाया.

प्रकाश राज ने कहा कि देशभर में युवा शिक्षा व्यवस्था और अन्य मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं और एसआईआर के खिलाफ अभियान भी जोर पकड़ रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोका जा रहा है और दावा किया कि प्रदर्शनों को रोकने के लिए 30,000 Policeकर्मियों को तैनात किया गया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेल से रिहा किए गए लोगों को लाठियों से लैस किया गया है ताकि वे प्रदर्शनकारियों पर हमला कर सकें और प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च करने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है.

केंद्र Government के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शनों को याद करते हुए प्रकाश राज ने कहा कि Government ने पहले किसानों पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया था, लेकिन लगातार विरोध प्रदर्शनों के बाद अंततः कई कानून वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा.

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “लोग आपके कुशासन से तंग आ चुके हैं. किसान फिर से सड़कों पर उतरेंगे.”

किसान नेता बडागलपुरा नागेंद्र ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में Political पूर्वाग्रह हावी रहा है और उन्होंने एक पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की मांग की. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने का आह्वान किया और एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की.

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए नागेंद्र ने पूछा कि अगर Government जनविरोधी नीतियां अपनाती रही तो लोग अपनी आवाज कहां उठाएंगे?

उन्होंने कहा कि किसान, दलित संगठन और प्रगतिशील समूह केंद्र Government की इन कार्रवाइयों के खिलाफ कर्नाटक भर में एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.

नागेंद्र ने आगे कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों की तर्ज पर हर जिले और गांव में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे.

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एएसएच/डीकेपी

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