
Bengaluru, 8 सितंबर . भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर.अशोक ने Tuesday को Government पर बड़ा आरोप लगाया. उनके मुताबिक, Government ने 108 ‘आरोग्य कवच’ मुफ्त एंबुलेंस को संकट के समय उतारने का फैसला किया है. अगर Government के इस फैसले की वजह से 20 सितंबर के बाद आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा पहुंचती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी Chief Minister डीके शिवकुमार और स्वास्थ्य मंत्री यू.टी खादर की होगी.
ज्ञात हो कि मुफ्त एंबुलेंस के 108 ड्राइवरों ने कर्नाटक Government को सीधे शब्दों में कह दिया है कि अगर 15 दिनों के अंदर उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तो वो सामूहिक इस्तीफा दे देंगे.
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू.टी खादर ने Monday को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आंदोलन से मरीजों को किसी भी प्रकार से परेशानी हुई, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, उन्होंने ड्राइवरों से कहा कि वो Government से जुड़े संगठनों से इस बारे में दृढ़ता से बात करें, ताकि उनकी मांगों पर विचार किया जाए.
अशोक ने कहा कि 108 एंबुलेंस से जुड़े करीब 35,00 कर्मचारियों ने 20 तारीख को सामूहिक तौर पर इस्तीफा देने का ऐलान किया है. इसके बावजूद Government उनकी मांगों पर खामोश बैठी है.
अशोक ने आरोप लगाया कि 20 सितंबर को 108 एंबुलेंस से जुड़े करीब 3500 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का ऐलान किया है. इसके बावजूद भी Government खामोश बैठी है. ऐसी स्थिति में कोई एक कोई गैर-जिम्मेदार Government के बारे में क्या ही कहेगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि Government इन कर्मचारियों की समस्याओं को संवाद के जरिए सुलझाने की जगह उन्हें धमका रही है. Government कह रही है कि अगर किसी भी कर्मचारी ने हड़ताल की, तो उसका लाइसेंस निरस्त करके उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
अशोक ने कहा कि कर्मचारियों ने प्रमुख रूप से कई मांगें उठाई हैं, जिसमें अतिरिक्त भुगतान में 45 फीसद की कटौती, 12 घंटे की शिफ्ट और अगर किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिजनों को 108 लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाए.
भाजपा नेता ने सवाल पूछा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि Government के पास मौजूदा समय में विज्ञापन, उपलब्धियों के लिए कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए तो भरमार पैसा है. अफसोस की बात है कि उन सभी लोगों को न्याय देने के लिए पैसा नहीं है, जो दूसरों की जान बचाने में लगे रहते हैं.
अशोक ने पूछा कि यह अफसोस की बात है कि Government के पास विज्ञापन और अपनी उपलब्धियों का बखान करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए पैसा है. लेकिन, कर्मचारियों को न्याय देने के लिए पैसे नहीं हैं.
उन्होंने चेताते हुए कहा कि 20 सितंबर के बाद एंबुलेंस सेवाओं में बाधा पहुंचने की वजह से अगर मरीजों और लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी हुई, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी Chief Minister डीके शिवकुमार और स्वास्थ्य मंत्री यू.टी खादर की होगी.
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एसएचके/पीएम