कर्नाटक भाजपा ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर कथित हमले की न्यायिक जांच की मांग की

Bengaluru, 25 अगस्त . भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने Tuesday को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उन कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की, जिन्हें कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले की न्यायिक जांच की भी मांग की.

Bengaluru में भाजपा के राज्य मुख्यालय जगन्नाथ भवन में मीडिया से बात करते हुए सीटी रवि ने कर्नाटक Government पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बल प्रयोग का आरोप लगाया. ये कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध कर रहे थे और कथित केपीएससी अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे.

उन्होंने कहा, “Government ने अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए और कथित हमले की न्यायिक जांच होनी चाहिए.”

रवि ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के कथित तौर पर लापता होने के मामले में भी Government से सवाल किया. बताया जा रहा है कि Enforcement Directorate (ईडी) उनकी जांच कर रहा है.

उन्होंने गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि अधिकारी के ठिकाने के बारे में वे अलग-अलग बयान दे रहे हैं, जबकि अन्य मुद्दों पर भी बात कर रहे हैं.

पार्क की जमीन के कथित बदलाव से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए रवि ने कहा कि यह एक ‘दुखद बात’ है कि Government उसी मकसद को कमजोर करने की कोशिश कर रही है जिसके लिए पार्क बनाए गए थे.

रवि ने आरोप लगाया, “गोमल जमीनें खत्म हो गई हैं और झीलें भी खत्म हो गई हैं. अब Government की नजर पार्कों पर है.”

रवि ने कहा कि Bengaluru में लालबाग और कब्बन पार्क जैसे बड़े पार्क बनाने की क्षमता नहीं है, जिन्हें दशकों पहले विकसित किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि Government मौजूदा पार्कों को भी बचाने में नाकाम रही है.

रवि ने कहा, “यह दुखद है कि रियल एस्टेट माफिया के लालच के कारण पार्क और खेल के मैदान सुरक्षित नहीं रहेंगे.”

वोटर लिस्ट के मुद्दे पर रवि ने कहा कि असली वोटरों के नाम नहीं हटाए जाने चाहिए, जबकि अयोग्य या अवैध वोटरों के नाम शामिल नहीं किए जाने चाहिए.

उन्होंने अयोग्य वोटरों की स्थिति को वैध बनाने के लिए स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (पीआरसी) के इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी.

रवि ने कहा, “असली वोटरों को वोटर लिस्ट से बाहर नहीं छोड़ा जाना चाहिए और अवैध वोटरों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए. Government को अवैध वोटरों को वैध बनाने के लिए पीआरसी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.”

एससीएच/डीकेपी

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