
Bengaluru, 12 सितंबर . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने Saturday को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली को राज्य मंत्रिमंडल से तत्काल हटाने की मांग की. उन्होंने Enforcement Directorate (ईडी) द्वारा लगाए गए कथित रिश्वत भुगतान, विदेशी निवेश और अफ्रीकी देशों में खनन संपत्तियों से जुड़े आरोपों का हवाला दिया.
ईडी द्वारा जारकीहोली और उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर हाल ही में की गई छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी ठेकों से जुटाया गया पैसा विदेश भेजा गया और उससे विदेशी खनन संपत्तियां खरीदी गईं.
अशोक ने बयान जारी कर कहा, “ईडी की प्रेस ब्रीफिंग ने कर्नाटक की राहुल गांधी की ‘एटीएम Government’ पर गंभीर संदेह खड़ा कर दिया है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी को ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि ठेकेदारों, जिनमें India वाणिज्य ईस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है, से कथित तौर पर वसूला गया पैसा अनधिकृत माध्यमों से विदेश भेजा गया और वहां संपत्तियां खरीदी गईं.
भाजपा नेता ने ईडी के उस आरोप का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि जारकीहोली ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की स्वर्ण खनन कंपनी मैग्नीट्यूड स्टार एसएआरएल में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की.
अशोक ने यह भी कहा कि ईडी के अनुसार कांगो की एल्डोराडो माइनिंग रिसोर्सेज और जाम्बिया की नावा ऑरम माइनिंग लिमिटेड में कथित हिस्सेदारी जारकीहोली की बेटी और कांग्रेस सांसद प्रियंका जारकीहोली, बेटे राहुल जारकीहोली और बहन महादेवी मंजूनाथ के नाम पर है.
उन्होंने ईडी की उस जानकारी का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि जारकीहोली और उनके सहयोगियों से जुड़े 21 परिसरों पर तलाशी के दौरान 3.3 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाबी भारतीय मुद्रा और करीब 15 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा बरामद की गई.
अशोक ने कहा, “कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी ठेकों से लेकर अफ्रीका की सोने की खदानों तक पहुंचने वाली कथित धनराशि की यह कड़ी गंभीर सवाल खड़े करती है.”
उन्होंने Chief Minister डी.के. शिवकुमार से जवाब मांगा कि कथित धन कहां से आया, किसने उसे इकट्ठा किया, विदेश कैसे भेजा गया और अंततः उससे किसे लाभ मिला.
अशोक ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कर्नाटक को कांग्रेस आलाकमान, राज्य के मंत्रियों और उनके परिवारों के लिए “एटीएम” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.
उन्होंने मांग की कि ईडी की जांच पूरी होने तक सतीश जारकीहोली को मंत्रिमंडल से हटाया जाए. उनका कहना था कि इतने गंभीर आरोपों का सामना कर रहे मंत्री का जांच के दौरान पद पर बने रहना उचित नहीं है.
इस बीच, Chief Minister डी.के. शिवकुमार ने ईडी की कार्रवाई को Political प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि प्रभावशाली दलित नेता सतीश जारकीहोली को निशाना बनाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है.
ईडी ने पहले बताया था कि उसने 9 और 10 सितंबर को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत Bengaluru, बेलगावी, गोकाक और कोलकाता स्थित जारकीहोली और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े 21 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था. एजेंसी का दावा है कि तलाशी के दौरान पीडब्ल्यूडी ठेकों से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं, विदेशी निवेश और रिश्वत भुगतान से संबंधित साक्ष्य मिले हैं.
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डीएससी