
बेलगावी, 4 अक्टूबर, . कर्नाटक के बेलगावी में एसआईआर के जरिए वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मामले में सियासी घमासान मचा हुआ है. इस मामले में भाजपा नेता डॉ. रवि पाटिल को गिरफ्तारी के डर से राहत मिल गई है.
बेलगावी की दूसरी अतिरिक्त जिला और सत्र अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी है. दरअसल, डॉ. रवि पाटिल पर 198 मुस्लिम वोटर्स के नाम एसआईआर के जरिए डिलीट कराने का आरोप लगा था. इस मामले में डॉ. रवि पाटिल समेत 20-25 लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई थी.
डॉ. रवि बी. पाटिल ने वर्ष 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बेलगावी उत्तर (बेलगाम उत्तर) निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उनके खिलाफ मार्केट Police स्टेशन में वार्ड 12 के बीएलओ की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था. केस दर्ज होते ही भाजपा नेता डॉ. रवि पाटिल अंडरग्राउंड हो गए थे.
मार्केट Police स्टेशन अपराध संख्या 218/2026 के तहत डॉ. रवि पाटिल, विजय हॉस्पिटल के स्टाफ प्रशांत मुंदिनमनी और शंकर नायक समेत 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उन पर फर्जी दस्तावेज, गलत जानकारी देने और शहर में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश का आरोप है. यह शिकायत बीएनएस एक्ट की धारा 318(4), 336(3), 336(4), 353, 61(2), 3(5), 3(7), 192, 190 के तहत दर्ज की गई है.
बेलगावी मार्केट Police की जांच में सामने आया है कि यह घटना 22 सितंबर को बेलगावी के वीरभद्रनगर में पोलिंग बूथ 195 और 196 पर हुई थी.
आरोप है कि उन्होंने जीवित और कानूनी रूप से वैध वोटर्स के नाम डिलीट कराने की कोशिश की थी. उन पर फॉर्म नंबर 7 के जरिए नाम हटाने की कोशिश का आरोप है.
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वीकेयू/पीएम