
मंगलुरु (कर्नाटक), 18 सितंबर . कर्नाटक के पूर्व Chief Minister सिद्धारमैया की नौ फुट ऊंची मूर्ति को हटाने के मामले को लेकर राज्य के सिंचाई मंत्री अजय सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है. अजय सिंह ने Friday को कहा कि उनकी मूर्ति हटाना इसलिए जरूरी था क्योंकि इसे बिना जरूरी मंजूरी के लगाया गया था और इस घटना के पीछे कोई Political मकसद नहीं था.
लगभग तीन वर्ष पहले पूर्व Chief Minister सिद्धारमैया की एक और मूर्ति लगाई गई थी, जिसे उस समय अधिकारियों ने हटा दिया था. मंत्री अजय सिंह कलबुर्गी जिले से हैं और वे पूर्व Chief Minister एन. धर्म सिंह के बेटे हैं.
पत्रकारों से बात करते हुए अजय सिंह ने कहा, “किसी भी मूर्ति को लगाने के लिए नियम होते हैं. सिद्धारमैया की मूर्ति इसी वजह से हटाई गई थी. Chief Minister डी.के. शिवकुमार के कलबुर्गी दौरे और मूर्ति हटाने के बीच कोई संबंध नहीं है.”
उन्होंने कहा कि शिवकुमार ने बार-बार कहा है कि सिद्धारमैया उनके नेता हैं और उन्होंने मूर्ति हटाने को Chief Minister के दौरे से जोड़ने वाली अटकलों को खारिज कर दिया. अजय सिंह ने यह भी कहा कि सिद्धारमैया या शिवकुमार में से किसी को भी मूर्ति लगाने के बारे में पता नहीं था. उन्होंने कहा, “इस मामले को लेकर कोई भ्रम नहीं है. मूर्ति बिना अनुमति के लगाई गई थी और नियमों के अनुसार हटा दी गई.”
कलबुर्गी में हाईकोर्ट सर्कल पर सिद्धारमैया के समर्थकों ने रातों-रात उनकी नौ फीट ऊंची मूर्ति लगाई थी. बाद में, कलबुर्गी सिटी कॉरपोरेशन ने Thursday को कड़ी Police सुरक्षा के बीच मूर्ति को हटा दिया क्योंकि अधिकारियों को पता चला कि जिला प्रशासन या सिटी कॉरपोरेशन से जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी.
अधिकारियों के अनुसार, मूर्ति लगाने में कुरुबा समुदाय के सदस्यों सहित लगभग 8 से 10 लोग शामिल थे. बताया जा रहा है कि यह समूह मांग कर रहा था कि हाईकोर्ट सर्कल का नाम सिद्धारमैया के नाम पर रखा जाए. इसी समूह ने कथित तौर पर लगभग तीन वर्ष पहले इसी जगह पर सिद्धारमैया की मूर्ति लगाई थी. अधिकारियों ने उस समय भी उसे हटा दिया था.
ताजा मूर्ति उस रास्ते पर लगाई गई थी जहां से शिवकुमार कलबुर्गी के दौरे और आगे गनागापुरा मंदिर की यात्रा के दौरान गुजरे थे, जिससे इस कार्रवाई के समय को लेकर अटकलें लगने लगीं. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मूर्ति को सिर्फ इसलिए हटाया गया क्योंकि इसे जरूरी अनुमति के बिना लगाया गया था. मूर्ति हटाने के दौरान कानून-व्यवस्था की कोई समस्या न हो, इसके लिए मौके पर Police तैनात की गई थी.
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एसडी/पीएम