
भुवनेश्वर, 9 अक्टूबर . Odisha विजिलेंस ने Friday को राज्य के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करोड़ों रुपए की चल और अचल संपत्ति का पता लगाया. अधिकारी पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है.
विजिलेंस विभाग ने एक बयान में कहा कि प्रसन्न कुमार पात्र (जो सुंदरगढ़ जिले में उप निदेशक (मृदा संरक्षण) एवं परियोजना निदेशक (वाटरशेड) के पद पर कार्यरत हैं) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है.
विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), सुंदरगढ़ द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर Odisha विजिलेंस की आठ टीमों ने भुवनेश्वर, सुंदरगढ़ और कटक जिलों में पात्र से जुड़े आठ स्थानों पर छापेमारी की. इन टीमों का नेतृत्व एक अतिरिक्त Police अधीक्षक कर रहे थे. टीम में चार डीएसपी, 13 इंस्पेक्टर, पांच सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और अन्य कर्मचारी शामिल थे.
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने प्रसन्न कुमार पात्र और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर चार दो-मंजिला मकान, भुवनेश्वर में एक 3-बीएचके फ्लैट और शहर के बाहरी इलाकों में सात मूल्यवान भूखंड पाए.
हालांकि इन भूखंडों की पंजीकृत बिक्री मूल्य लगभग एक करोड़ रुपये है, लेकिन विजिलेंस को आशंका है कि इनकी वास्तविक बाजार कीमत इससे कहीं अधिक हो सकती है.
इमारतों, फ्लैट और भूखंडों का मापन, मूल्यांकन और आकलन विजिलेंस के तकनीकी विभाग द्वारा किया जा रहा है.
इसके अलावा जांच के दौरान अधिकारियों ने 212 ग्राम सोना, करीब 1.30 लाख रुपए नकद, लगभग 1.46 करोड़ रुपए की जमा राशि, तीन दोपहिया वाहन और 7.72 लाख रुपए मूल्य के घरेलू सामान भी बरामद किए.
जांच में यह भी सामने आया कि पात्र ने भुवनेश्वर में एक फ्लैट खरीदने के लिए एक रियल एस्टेट कंपनी को 29.50 लाख रुपये अग्रिम भुगतान किया था.
विजिलेंस अधिकारियों का मानना है कि तलाशी अभियान अभी जारी है और आगे और संपत्तियों का खुलासा हो सकता है.
प्रसन्न कुमार पात्र ने 19 दिसंबर 1995 को भुवनेश्वर स्थित मृदा संरक्षण निदेशक कार्यालय में जूनियर सॉइल कंजर्वेशन ऑफिसर के रूप में Governmentी सेवा शुरू की थी.
वर्ष 2024 में उन्हें पदोन्नति देकर उप निदेशक (मृदा संरक्षण) बनाया गया और कंधमाल में तैनात किया गया, जहां उन्होंने अगस्त 2024 से अप्रैल 2025 तक सेवा दी.
अप्रैल 2025 से वह सुंदरगढ़ में परियोजना निदेशक (वाटरशेड) कार्यालय में उप निदेशक (मृदा संरक्षण) के रूप में कार्यरत हैं.
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एएमटी/डीकेपी